ECLGS 5.0: केंद्रीय कैबिनेट ने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 को मंजूरी दे दी है। इसका मकसद उन कारोबारों पर कैश के दबाव को कम करना है, जिन्हें पश्चिम एशिया संकट से जुड़ी रुकावटों का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रस्ताव का लक्ष्य 2,55,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त क्रेडिट फ्लो सुनिश्चित करना है, जिसमें एयरलाइंस के लिए 5,000 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड, सदस्य लोन देने वाली संस्थाओं को क्रेडिट गारंटी कवरेज देगी।

क्या है इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम?
इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS) 5.0 के क्रेडिट गारंटी कवरेज फ्रेमवर्क के तहत, इस योजना से सभी सेक्टरों में नौकरियों को बचाने, कामकाज को स्थिर रखने और सप्लाई चेन को चालू रखने की उम्मीद है। इसका डिजाइन शॉर्ट-टर्म लिक्विडिटी की जरूरतों पर फोकस करता है, ताकि कंपनियां अपना प्रोडक्शन और सेवाएं जारी रख सकें। अधिकारियों को उम्मीद है कि यह मदद मौजूदा अनिश्चितता के दौर में बिज़नेस को मुश्किलों के कारण बंद होने से बचाने में सहायक होगी।
ECLGS 5.0 के तहत, योग्य कारोबारी कर्जदारों-जिनमें सूक्ष्म और लघु दोनों तरह के कारोबारी उद्यम को 2.55 लाख करोड़ रुपये का अतिरिक्त कर्ज मिल सकेगा। इसमें उन एयरलाइंस के लिए 5,000 करोड़ रुपये भी शामिल हैं, जो फिलहाल नकदी की कमी (liquidity stress) का सामना कर रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ECLGS 5.0 यह दिखाता है कि केंद्र सरकार मुश्किल वैश्विक हालात में भी भारत के कारोबारों-खासकर MSME सेक्टर-को सहयोग देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कैबिनेट मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक ब्रीफिंग में बताया कि क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड धोलेरा में 3,068 करोड़ रुपये की एक एडवांस्ड पैकेजिंग सुविधा स्थापित करेगी। सुची सेमीकॉन लिमिटेड सूरत के पास एक नई सुविधा में 868 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।


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