Jharkhand Electric Vehicle Policy : हाल ही में झारखंड सरकार द्वारा पेश की गयी इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) पॉलिसी की ईवी बाजार में बहुत चर्चा हो रही है। इसीलिए अब लोगों की निगाहें इलेक्ट्रिक वाहनों के मामले में झारखंड की प्रगति पर टिकी हैं। ये पॉलिसी ईवी खरीदने पर काफी तगड़ा बेनेफिट करा सकती है। झारखंड सरकार ने नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी 7 अक्टूबर को शुरू की थी। यह लोगों को ईवी खरीदने के लिए कई अतिरिक्त प्रोत्साहन पेश करती है।

1.5 लाख रु का फायदा
झारखंड सरकार की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि जो कोई भी राज्य में एक नया इलेक्ट्रिक वाहन खरीदेगा, उसे 1.5 लाख रुपये तक के बेनेफिट मिलेंगे। इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक की कीमत में 10,000 रुपये, इलेक्ट्रिक कार पर 30,000 रुपये और इलेक्ट्रिक बस पर 20 लाख रुपये तक की छूट दी जाएगी।
बोनस भी मिलेगा
शुरुआती खरीदारों को बोनस भी मिलेगा। ईवी ऑटोमोबाइल के खरीदारों को खरीदी जा रही 10,000 कारों तक के लिए ग्रांट प्राप्त होगा। इसी तरह, इलेक्ट्रिक स्कूटर या बाइक के खरीदारों के लिए प्रोत्साहन पूरे राज्य में 1,00,000 तक ऐसे वाहनों पर चलेगा। जबकि ईवी कारों के खरीदारों के लिए प्रोत्साहन ऐसी खरीद पर 15,000 यूनिट्स तक चलेगा। ई-बसों के मामले में 1000 यूनिट्स की खरीद तक ये बेनेफिट मिलेगा।

रोड टैक्स में छूट
इतना ही नहीं इसके अलावा रोड टैक्स में छूट का भी प्रावधान किया गया है। राज्य में बने इलेक्ट्रिक वाहनों के पहले 10,000 खरीदारों को 100 फीसदी की ऐसी छूट मिलेगी। अगले 10,000 से 15,000 वाहन खरीदारों को 75 फीसदी की छूट मिलेगी, और अंतिम खरीदारों को 25 फीसदी की छूट मिलेगी।
चार्जिंग सुविधाएं भी उपलब्ध
यह सुनिश्चित करने के लिए कि इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने में कोई समस्या नहीं हो, 3 किमीx3 किमी ग्रिड में कम से कम एक चार्जिंग स्टेशन या प्रति 10 लाख लोगों पर न्यूनतम 50 चार्जिंग स्टेशन, जो भी अधिक हो, स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर हर 25 किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।

इतनी मिलेगी सब्सिडी
राज्य में ईवी चार्जिंग स्टेशन शुरू करने के लिए 50-60 फीसदी सब्सिडी का भी प्रावधान किया गया है, जबकि राज्य सरकार झारखंड में ईवी विनिर्माण संयंत्र स्थापित करने के लिए 2 करोड़ रुपये से 30 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी प्रदान करेगी।
100 फीसदी ब्याज सब्सिडी
इसके अलावा झारखंड सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी राज्य सरकार का कर्मचारी जो इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदता है, उसे 100 फीसदी ब्याज सब्सिडी मिलेगी। इसके साथ ही सरकारी भवनों में ईवी ऑफिस के उपयोग पर ध्यान दिया गया है। झारखंड सरकार के अनुसार, राज्य को इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन के लिए सबसे बेहतर पूर्वी भारतीय राज्य के रूप में प्रमोट किया जाना चाहिए। 2027 तक, इसका उद्देश्य एडवांस्ड रासायनिक सेल बैटरी का उत्पादन करना और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस डेवलप विकसित करना है। एक अन्य खबर के मुताबिक हुंडई मोटर इंडिया ने गुरुवार को कहा कि वह अपने आगामी मॉडल आयोनिक 5 के साथ देश में अपना वैश्विक समर्पित बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन प्लेटफॉर्म पेश करेगी, जिसे अगले साल जनवरी में ऑटो एक्सपो में पेश किया जाएगा।


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