Year Ender 2025: साल 2025 अब खत्म होने वाले हैं और नए साल के आगमन से पहले शेयर सोने-चांदी के भाव में तेजी हो या फिर घरेलू शेयर बाजार के साथ-साथ क्रिप्टो बाजार में भारी उतार-चढ़ाव... चर्चा का विषय बने हुए हैं। हालांकि, पूरा साल निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। इस साल US टैरिफ, कमजोर कमाई और वैश्विक अनिश्चितताओं ने बाजारों को प्रभावित किया, लेकिन भारत की मजबूत GDP ग्रोथ (7.8%) और नीतिगत सुधारों (जैसे GST 2.0) ने रिकवरी की नींव रखी।

ऐसे में आइए समझते हैं कि 2025 में शेयर बाजार के ट्रेंड्स, बॉन्ड रिटर्न्स और क्रिप्टो में क्या कुछ बदलाव देखने को मिला है और आने वाले नए साल यानी 2026 के लिए क्या संभावनाएं नजर आ रही हैं।
शेयर मार्केट के ट्रेंड्स (2025 में क्या बदला?)
2025 में भारतीय शेयर बाजार ने मिला-जुला प्रदर्शन किया। शुरुआत में भारी गिरावट देखी गई और निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, विदेशी निवेशकों यानी FPI की निकासी से घरेलू बाजार में दबाव बना। Nifty 50 का YTD यानी इस साल अब तक का रिटर्न करीब 10% रहा है जो प्रमुख वैश्विक बाजारों के मुकाबले कमजोर है। वहीं सेंसेक्स की बात करें तो यह YTD आधार पर करीब 8 प्रतिशत उछला है।
Smallcap इंडेक्स करीब 10 फीसदी टूटा है जो पिछले कई सालों में सबसे खराब प्रदर्शन है। हालांकि, साल के अंत में Nifty ने नया ऑल टाईम हाई बनाया। सेक्टर परफॉर्मेंश की बात करें तो IT, रिन्यूएबल और फार्मा में मजबूती दिखाई दी।
2026 के लिए संभावनाएं
घरेलू शेयर बाजार का रूख सकारात्मक दिखाई पड़ता है। HSBC के अनुसार, डबल-डिजिट रिटर्न (10-12%) संभव है और इनकम ग्रोथ 16% तक हो सकता है। 2026 की पहली छमाही में Nifty 29000 के लेवल तक जा सकता है। घरेलू लिक्विडिटी और IT/कंज्यूमर डिमांड से बाजार को बूस्ट मिलेगा लेकिन US ट्रेड रिस्क पर भी नजर है। वहीं, JP Morgan के अनुसार, 2026 की दूसरी छमाही से घरेलू शेयर बाजार में मजबूत रैली दिखाई देगी।
बॉन्ड रिटर्न (2025 में क्या बदला?)
अब अगर बॉन्ड मार्केट की बात करें तो 2025 में अब तक स्थिर रहा है, लेकिन यील्ड में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। कुल साइज $2.78 ट्रिलियन (मार्च 2025) से 10Y G-Sec यील्ड जनवरी के 6.96% से घटकर 6.61% (दिसंबर 11) हो गई, जो YTD रिटर्न करीब 9% है।
इस साल बॉन्ड रिटर्न में बदलाव की बात करें तो..
रिटर्न: YTD पॉजिटिव, RBI की 25 bps दर कटौती (5.25%) से सपोर्ट मिला लेकिन नवंबर में लॉन्ग-एंड यील्ड बढ़ी (डिमांड-सप्लाई मिसमैच)।
ड्राइवर्स: फिस्कल कंसोलिडेशन, OMO खरीदारी। कॉर्पोरेट बॉन्ड 22% शेयर।
ट्रेंड: यील्ड कर्व अपवर्ड स्लोप्ड, APAC पीयर्स से हाई यील्ड।
2026 में बॉन्ड को लेकर संभावना
मार्केट एक्सपर्ट्स की मानें तो परिस्थितियां अनुकूल नजर आ रही हैं। लोअर शॉर्ट रेट्स से यील्ड 6.38-6.49% तक गिर सकती। RBI कट्स और इन्फ्लेशन कंट्रोल से रिटर्न 5-7% संभव है।
क्रिप्टो में बदलाव (2025 में क्या बदला?)
भारत क्रिप्टो एडॉप्शन में टॉप पर है लेकिन 30% टैक्स + 1% TDS और रेगुलेटरी अनिश्चितता बनी हुई है। FIU ने 25 ऑफशोर प्लेटफॉर्म्स को नोटिस दिया है और 50 रजिस्टर्ड एक्सचेंज कारोबार करते हुए दिखाई दिए हैं।
इस साल क्रिप्टो में मुख्य बदलाव की बात करें तो...
एडॉप्शन: Gen Z इनवेस्टर्स 37%, स्टेबलकॉइन वॉल्यूम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा लेकिन BTC YTD -2.5% (जनवरी $94,757 से दिसंबर $92,400) रहा।
रेगुलेशन: PMLA के तहत VDA सर्विसेज रिपोर्टिंग अनिवार्य है। RBI हॉकिश, e-रुपया पायलट चला। कोई बड़ा बिल नहीं, लेकिन विंटर सेशन में संभावना है।
मार्केट: स्पॉट वॉल्यूम +114%, लेकिन इंस्टीट्यूशनल म्यूटेड।
2026 में क्रिप्टो में संभावना
यह ट्रांसफॉर्मेटिव है। क्लियर रेगुलेशन (G20 स्टैंडर्ड्स से) से इंस्टीट्यूशनल एंट्री, BTC $120k-$150k तक हो सकता है। टोकनाइजेशन और CBDC इंटीग्रेशन बढ़ेगा, रिटर्न 50%+ (रिस्की) लेकिन सिस्टेमिक रिस्क चिंता का विषय रहेगा।
कुल मिलाकर देखें तो इक्विटी में 50-60% तक जबकि बॉन्ड में 30% और क्रिप्टो में 5% डाइवर्सिफाई देखने को मिलेंगे। वहीं, US पॉलिसी, इन्फ्लेशन और लॉन्ग-टर्म फोकस के नज़रिए से थोड़ा रिस्क रहेगा।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]
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