Vijay Thalapathy का बड़ा दांव: राहुल संग लंच, मोदी संग मेट्रो राइड, Tamilnadu के लिए क्या?

Vijay Thalapathy का बड़ा दांव: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय इन दिनों दो मोर्चों पर संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। एक तरफ उन्हें विधानसभा में अपनी सरकार के लिए सहयोगियों का समर्थन बनाए रखना है, तो दूसरी तरफ राज्य के विकास के लिए केंद्र से फंड और बड़ी परियोजनाओं की मंजूरी हासिल करनी है। राहुल गांधी के साथ मुलाकात और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मेट्रो राइड ने तमिलनाडु की राजनीति और विकास से जुड़े इन सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।

Vijay Thalapathy

इस पूरी कहानी में तीन आंकड़े सबसे अहम हैं। प्रधानमंत्री के दौरे में शामिल 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं, 5,110 करोड़ रुपये का लंबित शिक्षा फंड और विधानसभा में टीवीके की 109 सीटें। इन आंकड़ों के बीच तमिलनाडु के बजट, कर्ज और भविष्य की इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं की चुनौती भी छिपी है।

राहुल गांधी से मुलाकात, कांग्रेस से बढ़ेगी नजदीकी?

10 अक्टूबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी चेन्नई पहुंचे और उन्होंने मुख्यमंत्री विजय से उनके आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। टीवीके के नेतृत्व में गठबंधन बनने के बाद यह दोनों नेताओं की पहली मुलाकात थी। इस मुलाकात के बाद कांग्रेस और टीवीके के राजनीतिक तालमेल को लेकर चर्चाएं तेज हुईं। हालांकि, इसके बाद किसी नए समझौते या गठबंधन की औपचारिक घोषणा नहीं हुई। इसलिए इस मुलाकात को किसी नए राजनीतिक गठबंधन की पुष्टि मानना जल्दबाजी होगी। TVK के लिए सहयोगियों का समर्थन इसलिए भी अहम है, क्योंकि पार्टी अभी विधानसभा में बहुमत के आंकड़े से पीछे है। ऐसे में कांग्रेस और दूसरे सहयोगियों के साथ संबंध सरकार की स्थिरता और नीतिगत फैसलों के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

मोदी के साथ मेट्रो राइड, तमिलनाडु को क्या मिला?

11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चेन्नई पहुंचे। उन्होंने विजय के साथ चेन्नई मेट्रो फेज-2 के पूनमल्ली-वडापालनी सेक्शन का उद्घाटन किया और मेट्रो में सफर भी किया। यह सेक्शन करीब 15 किलोमीटर लंबा है, इसमें 11 स्टेशन हैं और इसे लगभग 4,900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह पहले से चल रही चेन्नई मेट्रो फेज-2 परियोजना का हिस्सा है। प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान तमिलनाडु में 13,000 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया या उनकी आधारशिला रखी गई। इनमें सड़क, रेलवे, बंदरगाह और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शामिल थे। हालांकि, 13,000 करोड़ रुपये को तमिलनाडु सरकार को दिया गया नया फंड समझना सही नहीं होगा। यह दौरे में शामिल अलग-अलग परियोजनाओं की कुल लागत का आंकड़ा है।

₹5,110 करोड़ का लंबित शिक्षा फंड क्यों है अहम?

प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान तमिलनाडु के लिए 5,110 करोड़ रुपये के लंबित केंद्रीय शिक्षा फंड का मुद्दा भी उठा। विजय ने प्रधानमंत्री से समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्य की लंबित राशि बिना शर्त जारी करने की मांग की। यह विवाद सिर्फ केंद्र और राज्य के बीच भुगतान तक सीमित नहीं है। इसके पीछे राष्ट्रीय शिक्षा नीति और पीएम-श्री स्कूल योजना को लेकर दोनों के बीच मतभेद भी हैं। केंद्र सरकार की ओर से समग्र शिक्षा अभियान के तहत फंड जारी करने की प्रक्रिया योजना की शर्तों और नियमों से जुड़ी है। वहीं, तमिलनाडु सरकार ने पीएम-श्री योजना से जुड़ा समझौता नहीं किया है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति को पूरी तरह लागू करने को लेकर उसका केंद्र से मतभेद है।

अब यह देखना अहम होगा कि केंद्र सरकार लंबित राशि पर क्या फैसला करती है, फंड जारी करने के लिए क्या शर्तें रखी जाती हैं और राज्य सरकार इस पर क्या रुख अपनाती है।

चेन्नई मेट्रो फेज-3 से हाई-स्पीड रेल तक, विजय की बड़ी मांगें

विजय ने केंद्र के सामने कई अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से जुड़ी मांगें भी रखीं। इनमें चेन्नई मेट्रो फेज-3 को मंजूरी देना, कोयंबटूर और मदुरै में प्रस्तावित मेट्रो परियोजनाओं पर दोबारा विचार करना और चेन्नई से कन्याकुमारी तथा कोयंबटूर तक हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल हैं। इसके अलावा, होसुर को बेंगलुरु क्षेत्र से जोड़ने वाली मेट्रो कनेक्टिविटी और गोदावरी-कावेरी नदी जोड़ परियोजना को राष्ट्रीय प्राथमिकता देने की मांग भी उठाई गई। हालांकि, इन प्रस्तावों को मंजूर परियोजनाएं या तय निवेश मानना अभी सही नहीं होगा। किसी भी बड़ी परियोजना के लिए मंजूरी, फंडिंग का बंटवारा, लागत और निर्माण की समयसीमा जैसे कई चरण पूरे करने होते हैं। यानी चेन्नई मेट्रो फेज-2 के एक सेक्शन का उद्घाटन हो चुका है, लेकिन फेज-3 और दूसरे प्रस्तावित प्रोजेक्ट्स का भविष्य आगे मिलने वाली मंजूरी और वित्तीय फैसलों पर निर्भर करेगा।

दो उपचुनाव जीतने के बाद भी बहुमत से दूर TVK

तमिलनाडु की राजनीति में अक्टूबर के उपचुनाव भी अहम रहे। टीवीके ने मदुरांतकम और धारापुरम, दोनों सीटों पर जीत दर्ज की। इससे विधानसभा में पार्टी की संख्या 107 से बढ़कर 109 हो गई। हालांकि, 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 118 है। यानी टीवीके अभी भी बहुमत से नौ सीट पीछे है। यह स्थिति विजय सरकार के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। बजट पारित कराने, खर्च से जुड़े फैसले लेने और नीतियों को आगे बढ़ाने के लिए विधानसभा में पर्याप्त समर्थन बनाए रखना जरूरी होगा। ऐसे में कांग्रेस और दूसरे सहयोगियों का समर्थन सरकार की स्थिरता के लिए अहम हो सकता है। दूसरी तरफ, बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और केंद्रीय फंड के लिए केंद्र सरकार के साथ बातचीत भी जरूरी बनी रहेगी।

तमिलनाडु बजट 2026-27: ₹56,985 करोड़ का Capex

तमिलनाडु के सामने एक और बड़ा सवाल है कि राज्य विकास परियोजनाओं का खर्च कैसे संभालेगा। राज्य के 2026-27 के संशोधित बजट अनुमान में पूंजीगत खर्च 56,985 करोड़ रुपये रखा गया है। वहीं, राजकोषीय घाटा 1,21,819 करोड़ रुपये यानी सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) का 3 प्रतिशत अनुमानित है। मार्च 2027 तक राज्य की कुल बकाया देनदारियां लगभग 10.99 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। संशोधित बजट के अनुसार, राज्य का राजस्व खर्च 4,05,802 करोड़ रुपये और राजस्व घाटा 55,775 करोड़ रुपये अनुमानित है। वहीं, ब्याज भुगतान पर लगभग 78,683 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे पता चलता है कि राज्य सरकार पर कर्ज की लागत का भी बड़ा बोझ है।

इन आंकड़ों के बीच तमिलनाडु सरकार को विकास परियोजनाओं, कल्याणकारी योजनाओं और कर्ज प्रबंधन के बीच संतुलन बनाना होगा। केंद्र से मिलने वाला फंड और बड़ी परियोजनाओं की मंजूरी इस लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, किसी भी परियोजना का वास्तविक आर्थिक असर उसकी कुल लागत, केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी, मंजूरी मिलने के समय और जमीन पर काम पूरा होने की गति से तय होगा। सिर्फ परियोजना की घोषणा या कुल निवेश के आंकड़े से उसके आर्थिक फायदे का आकलन नहीं किया जा सकता।

विजय के सामने अब तीन बड़े सवाल

राहुल गांधी के साथ लंच और प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेट्रो राइड को सिर्फ राजनीतिक तस्वीरों के रूप में देखना इस कहानी का अधूरा पहलू होगा। इन मुलाकातों के पीछे सरकार की स्थिरता, केंद्र से वित्तीय मदद और तमिलनाडु के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़े अहम सवाल हैं।

आगे तीन बातों पर नजर रहेगी।

  • पहला, क्या केंद्र सरकार 5,110 करोड़ रुपये के लंबित शिक्षा फंड पर कोई ठोस फैसला करती है?
  • दूसरा, क्या चेन्नई मेट्रो फेज-3 और दूसरे प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी और फंडिंग मिलती है?
  • तीसरा, क्या टीवीके विधानसभा में अपने सहयोगियों का समर्थन बनाए रख पाती है?

फिलहाल, विजय के सामने राज्य के भीतर राजनीतिक संतुलन बनाए रखने और केंद्र के साथ कामकाजी तालमेल मजबूत करने की चुनौती है। उनकी सरकार की असली दिशा का पता मुलाकातों की तस्वीरों से नहीं, बल्कि बजट के फैसलों, केंद्रीय फंड की उपलब्धता, परियोजनाओं की मंजूरी और तमिलनाडु में जमीन पर दिखने वाले नतीजों से चलेगा।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+