14 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ के वेदांता के सक्ति प्लांट में एक भयानक बॉयलर विस्फोट में दस श्रमिकों की मौत हो गई और चौबीस घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने अराजक दृश्यों और जल्दबाजी में दी गई जानकारी का वर्णन किया। अधिकारियों ने लापरवाही के संभावित कार्रवाई के साथ एक विस्तृत जांच का आदेश दिया है। यह घटना वेदांता लिमिटेड के पिछले प्लांट पुनर्गठन के बाद हुई है।
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल, 2026 को एक भीषण दुर्घटना घटित हो गई। बॉयलर फटने से कम से कम 10 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

बॉयलर का धमाका इतना तीव्र था कि दूर तक सुनाई दिया, और धुएं का गुबार आसमान में छा गया। हादसे के बाद प्लांट परिसर में चीख-पुकार मच गई तथा लोग दहशत में इधर-उधर भागने लगे। प्रशासन ने तत्काल विस्तृत जांच के आदेश जारी किए हैं।
कलेक्टर अमृत विकास तोपनो ने बताया कि बॉयलर के गर्म पानी के पाइप फटने से यह घटना हुई। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने भी पुष्टि की है कि बॉयलर के गर्म पानी के पाइप फटने से यह हादसा हुआ है। हादसे के वक्त मजदूर भोजन कर रहे थे और गर्म पानी की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गए। ये ब्लास्ट बॉयलर-1 में हुआ जिसमें 10 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई और 24 घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया उनमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।
मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्लांट प्रबंधन और प्रशासन पर लापरवाही तथा जानकारी छिपाने के आरोप लगाए। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। कई मजदूरों के परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया ब्लॉस्ट होते ही वहां चीख पुकार मच गई। घटना के जो वीडियो सामने आए हैं उनमें कई मजदूरों के शव बुरी हालत में झुलसे हुए नजर आ रहे हैं।
सक्ती के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच के आदेश दिए। छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ श्रम कानूनों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा।
गौरतलब है कि वेदांता लिमिटेड ने साल 2022 में एक बड़ी डील करते हुए एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड को अपने अधीन लिया था। यह पावर प्लांट उस समय आधा बना हुआ था और इसे दिवालियापन और शोधन अक्षमता संहिता (IBC) 2016 के तहत लिक्विडेशन प्रक्रिया के जरिए अधिग्रहित किया गया। इस कदम को कंपनी के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम माना गया, क्योंकि इससे उसकी ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में मदद मिली।
इसके बाद जुलाई 2023 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT), हैदराबाद के आदेश के तहत इस प्लांट का वेदांता लिमिटेड में विलय कर दिया गया। विलय के बाद इस प्लांट का नाम बदलकर वेदांता लिमिटेड छत्तीसगढ़ थर्मल पावर प्लांट (VLCTPP) रख दिया गया। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के सिंहितराई में स्थित इस प्लांट की कुल उत्पादन क्षमता 1200 मेगावाट थी, जिसमें 600-600 मेगावाट की दो यूनिट शामिल हैं।
More From GoodReturns

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित

ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

आज खुले 3 बड़े IPO: Indo-MIM, Xtranet और Lohia Corp में निवेश का मौका, जानें क्या है सही रणनीति

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

मुंबई बारिश अलर्ट: बैंकिंग ठप होने पर पैसे की किल्लत से कैसे बचें? जानें स्मार्ट तरीके

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?

Donald Trump की रणनीति से क्यों डरा Share Market? पढ़िए Sharad Kohli का Analysis

Vi का नाइट अनलिमिटेड डेटा: क्या आपके रिचार्ज में फ्री डेटा मिल रहा है? रिचार्ज से पहले ये जरूर देखें

30 से 180 दिनों के लिए निवेश: लिक्विड फंड्स, आर्बिट्राज या FD—कहां मिलेगा सबसे ज्यादा रिटर्न?



Click it and Unblock the Notifications