AI समिट में सुंदर पिचाई ने विशाखापत्तनम में गूगल के फुल-स्टैक AI हब की घोषणा की। यह भारत में गूगल के $15 बिलियन निवेश का हिस्सा है, जो गीगावॉट-स्केल कंप्यूट क्षमता और नए सबसी केबल गेटवे से लैस होगा। पिचाई ने बताया कि यह हब हजारों नौकरियां पैदा करेगा और भारत को ग्लोबल AI पावरहाउस बनाएगा, जिससे देश का डिजिटल भविष्य उज्ज्वल होगा।
AI समिट इंडिया 2026 के मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष सुंदर पिचाई ने एक बेहद निजी और भावुक किस्सा साझा किया। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद किया जब वे कोरोमंडल एक्सप्रेस से चेन्नई से आईआईटी खड़गपुर का सफर तय करते थे। उस दौर में विशाखापत्तनम एक शांत और साधारण तटीय शहर हुआ करता था, लेकिन आज वही शहर तकनीक की दुनिया में एक ऐतिहासिक बदलाव का गवाह बनने जा रहा है।
पिचाई ने ऐलान किया कि गूगल विशाखापत्तनम में एक फुल-स्टैक AI हब बना रहा है, जो भारत में उनके 15 बिलियन डॉलर के विशाल इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का अहम हिस्सा है। एक बार तैयार होने पर, यह हब गीगावॉट-स्केल कंप्यूट क्षमता और नए इंटरनेशनल सबसी केबल गेटवे से लैस होगा। गूगल का यह कदम भारत की डिजिटल क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ ग्लोबल टेक मैप पर वाइजैग की पहचान को पूरी तरह बदल देगा।

यह प्रोजेक्ट केवल इमारतों का निर्माण नहीं है, बल्कि यह हजारों नई नौकरियों और कटिंग-एज AI टेक्नोलॉजी को भारतीय युवाओं और कारोबारियों तक पहुंचाएगा। सुंदर ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि ट्रेन में बैठे हुए उन्होंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि विशाखापत्तनम एक दिन ग्लोबल AI पावरहाउस बनकर उभरेगा। यह निवेश भारत के सुपरपावर बनने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
तकनीक किस तरह पीढ़ियों को चौंका देती है, इसका जिक्र करते हुए उन्होंने सैन फ्रांसिस्को में अपने 83 वर्षीय पिता को बिना ड्राइवर वाली कार (Waymo) की सैर कराने का अनुभव सुनाया। पिता की आंखों से इस अद्भुत प्रगति को देखना और अंतरिक्ष में डेटा सेंटर जैसी संभावनाओं पर काम करना, उन्हें भविष्य की एक नई और उम्मीद भरी रोशनी दिखाता है। सुंदर का यह विजन भारत के लिए नए रास्ते खोल रहा है।


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