SIAM Report: GST 2.0 का फायादा देखने को मिलने लगा है। बाजार में गाड़ियों की बढ़ती मांग के चलते ऑटो कंपनियों की बिक्री ने जोरदार रफ्तार पकड़ ली है। ऑटो इंडस्ट्री की संस्था SIAM ने मंगलवार को बिक्री के ताजा आंकड़े जारी किए, जिनमें बताया गया कि भारतीय ऑटो बाजार (Auto Market) में ग्राहकों का उत्साह लगातार बना हुआ है।

SIAM के अनुसार, वित्त वर्ष FY26 में भारत में कुल 2,82,65,519 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की गई, जो पिछले साल की तुलना में 10.4% अधिक है। इस दौरान पैसेंजर व्हीकल्स, कमर्शियल व्हीकल्स (CV) और दो व तीन-पहिया वाहनों सहित सभी सेगमेंट ने अब तक की सबसे ज्यादा वार्षिक बिक्री का रिकॉर्ड बनाया है। इस वृद्धि में GST 2.0 को भी एक प्रमुख ग्रोथ ड्राइवर माना जा रहा है।
चालू वित्त वर्ष का आउटलुक सकारात्मक-
2024-25 में कुल घरेलू वाहन बिक्री 2,56,09,399 यूनिट्स रही थी। SIAM ने कहा है कि मजबूत आर्थिक बुनियाद को देखते हुए चालू वित्त वर्ष का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। हालांकि, अगर पश्चिम एशिया में जारी तनाव लंबा खिंचता है, तो इसका असर मांग, सप्लाई चेन और वाहन उत्पादन पर पड़ सकता है।
सेक्टर ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया-
वित्त वर्ष FY2025-26 में ऑटो सेक्टर ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। पैसेंजर वाहनों की होलसेल बिक्री बढ़कर 46,43,439 यूनिट्स हो गई, जबकि पिछले साल यह 43,01,848 यूनिट्स थी, यानी इसमें 7.9% की बढ़त हुई है। टू-व्हीलर सेगमेंट में भी अच्छी तेजी देखने को मिली, जहां FY26 में कुल बिक्री 2,17,05,974 यूनिट्स रही, जबकि FY25 में यह 1,96,07,332 यूनिट्स थी, जो 10.7% की बढ़ोतरी को दिखाती है।
मोटरसाइकिल की बिक्री में 6.6% की बढ़त-
मोटरसाइकिल की बिक्री 6.6% बढ़कर 1,30,64,789 यूनिट्स पर पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष यह 1,22,52,305 यूनिट्स थी। वहीं स्कूटर सेगमेंट ने और बेहतर प्रदर्शन किया, जिसकी बिक्री 18.5% बढ़कर 81,17,945 यूनिट्स हो गई, जो FY25 में 68,53,214 यूनिट्स थी।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी मजबूती-
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी मजबूती रही और FY26 में बिक्री बढ़कर 10,79,871 यूनिट्स हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 9,58,679 यूनिट्स थी, यानी इसमें 12.6% की बढ़त दर्ज हुई। थ्री-व्हीलर सेगमेंट ने भी अच्छा प्रदर्शन किया, जिसकी बिक्री FY26 में 8,36,231 यूनिट्स रही, जो FY25 के 7,41,420 यूनिट्स के मुकाबले 12.8% ज्यादा है।
भू-राजनीतिक स्थिरता से भरोसा बढ़ेगा-
SIAM ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से पैदा हुई अनिश्चितताएं, खासकर कच्चे तेल और कमोडिटी कीमतों में उतार-चढ़ाव, साथ ही एक्सचेंज रेट में अस्थिरता और शिपिंग रूट्स में रुकावटें, ऑटो सेक्टर के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। इंडस्ट्री बॉडी का कहना है कि अगर वैश्विक भू-राजनीतिक माहौल स्थिर रहता है, तो इससे उद्योग में भरोसा बढ़ेगा, जो आगे चलकर वित्त वर्ष 2026-27 में ऑटो सेक्टर के प्रदर्शन और ग्रोथ को और मजबूती दे सकता है। इसके साथ ही SIAM ने यह भी बताया कि FY26 में भारत से गाड़ियों का कुल एक्सपोर्ट 66,47,685 यूनिट्स रहा, जबकि FY25 में यह 53,62,884 यूनिट्स था, यानी इसमें करीब 24% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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