आरईसी लिमिटेड और राष्ट्रीय परीक्षण गृह ने RDSS सामग्री गुणवत्ता जांच को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी तीसरे पक्ष के परीक्षण के लिए NABL-मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं का उपयोग करेगी और भारत के बिजली वितरण नेटवर्क में विश्वसनीयता और सुरक्षा में सुधार के लिए संयुक्त प्रशिक्षण और तकनीकी कार्यशालाएं शामिल होंगी।
बिजली वितरण क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार को लेकर एक अहम पहल के तहत REC Limited ने National Test House (एनटीएच) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह समझौता नई दिल्ली स्थित Krishi Bhavan में किया गया।

इस पहल का उद्देश्य Revamped Distribution Sector Scheme (आरडीएसएस) के तहत उपयोग होने वाली सामग्री की गुणवत्ता जांच और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की व्यवस्था को और मजबूत करना है। इस समझौते पर आरईसी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक (आरडीएसएस) प्रभात कुमार सिंह और एनटीएच के महानिदेशक डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर उपभोक्ता मामले विभाग की सचिव निधि खार, अतिरिक्त सचिव भरत खेड़ा और आरईसी लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक (पीएमडी) प्रिंस धवन भी मौजूद रहे।
बताया गया कि यह समझौता आरईसी के पीएमडी – गुणवत्ता आश्वासन प्रभाग के निरंतर प्रयासों का परिणाम है, जिसका नेतृत्व योगेंद्र सिंह कर रहे हैं। इस साझेदारी को आरडीएसएस के तहत सामग्री की खरीद और स्थापना में गुणवत्ता से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए एक रणनीतिक कदम के रूप में आगे बढ़ाया गया।
समझौते के तहत दोनों संस्थाएं एनटीएच की एनएबीएल से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं के माध्यम से आरडीएसएस परियोजनाओं में उपयोग होने वाली सामग्री की तृतीय पक्ष गुणवत्ता जांच करेंगी। इसके साथ ही तकनीकी कार्यशालाएं और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संयुक्त रूप से आयोजित किए जाएंगे। इस पहल से देशभर में बिजली वितरण ढांचे की विश्वसनीयता और सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक भरोसेमंद सेवाएं मिल सकेंगी।


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