न्यूजीलैंड की कीवी खाने वालों के लिए अच्छी खबर है। भारत और न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA लागू होने के बाद न्यूजीलैंड से आने वाली कीवी पर इंपोर्ट ड्यूटी कम होगी। इसका सीधा फायदा भारतीय बाजार और ग्राहकों को मिल सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कीवी की रिटेल कीमत तुरंत 50 फीसदी तक कम हो जाएगी।

फिलहाल न्यूजीलैंड से भारत आने वाली कीवी पर करीब 33 फीसदी इंपोर्ट ड्यूटी लगती है। FTA के तहत पहले साल 6,250 टन कीवी के लिए ड्यूटी-फ्री कोटा मिलेगा। यानी तय मात्रा तक कीवी भारत में बिना इंपोर्ट ड्यूटी के लाई जा सकेगी। यह कोटा हर साल बढ़ेगा और छठे साल तक 15,000 टन सालाना हो जाएगा। इससे न्यूजीलैंड की कीवी के लिए भारतीय बाजार में पहुंच बढ़ सकती है।
कोटे के बाहर भी मिलेगी राहत-
सिर्फ ड्यूटी-फ्री कोटा ही नहीं, बल्कि कोटे से बाहर आने वाली कीवी पर भी इंपोर्ट ड्यूटी में राहत मिलेगी। ऐसे इंपोर्ट पर टैरिफ में तुरंत 50 फीसदी की कटौती होगी। इससे प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी करीब 33 फीसदी से घटकर 16.5 फीसदी रह जाएगी। यानी इंपोर्टर्स के लिए कीवी को भारत लाने की लागत कम हो सकती है।
क्या 50% सस्ती हो जाएगी कीवी?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर इंपोर्ट ड्यूटी 50 फीसदी घट रही है तो क्या कीवी भी 50 फीसदी सस्ती हो जाएगी? ऐसा जरूरी नहीं है। कीवी की रिटेल कीमत सिर्फ इंपोर्ट ड्यूटी से तय नहीं होती। इसमें फ्रेट, इंश्योरेंस, पोर्ट हैंडलिंग, कोल्ड स्टोरेज, खराब होने का नुकसान, करेंसी एक्सचेंज रेट, इंपोर्टर मार्जिन, होलसेल और रिटेल मार्जिन जैसे कई खर्च शामिल होते हैं। इसलिए इंपोर्ट ड्यूटी में कमी का पूरा फायदा ग्राहकों तक पहुंचेगा या नहीं, यह सप्लाई चेन और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।
मिनिमम इंपोर्ट प्राइस का नियम-
FTA के तहत ड्यूटी-फ्री कोटा के अंदर आने वाली कीवी के लिए 1.80 डॉलर प्रति किलोग्राम का मिनिमम इंपोर्ट प्राइस तय किया गया है। यानी इंपोर्ट की घोषित कीमत एक तय स्तर से नीचे नहीं जा सकेगी। इस नियम का मकसद बेहद कम कीमत पर इंपोर्ट होने वाली कीवी से घरेलू उत्पादकों पर पड़ने वाले दबाव को सीमित करना है।
भारत में कितनी कीवी आती है?
भारत का कीवी बाजार काफी हद तक इंपोर्ट पर निर्भर है। 2024 में भारत ने करीब 49.14 मिलियन किलोग्राम ताजा कीवी इंपोर्ट की थी, जिसकी कीमत लगभग 60.51 मिलियन डॉलर थी। न्यूजीलैंड भी भारत के प्रमुख कीवी सप्लायर्स में शामिल है। 2024 में भारत ने न्यूजीलैंड से करीब 5.84 मिलियन किलोग्राम कीवी इंपोर्ट की थी।
ग्राहकों को कितना फायदा?
FTA के बाद न्यूजीलैंड की कीवी भारतीय बाजार में पहले के मुकाबले ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो सकती है। खासकर आने वाले वर्षों में ड्यूटी-फ्री कोटा बढ़ने से इसका असर ज्यादा दिखाई दे सकता है। हालांकि, ग्राहकों को कीवी कितनी सस्ती मिलेगी, यह इंपोर्टर्स और रिटेलर्स की प्राइसिंग पर भी निर्भर करेगा। यानी इंपोर्ट ड्यूटी में बड़ी कटौती जरूर हुई है, लेकिन रिटेल प्राइस में उतनी ही गिरावट होगी, यह अभी तय नहीं है।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]


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