मध्य प्रदेश के लोग दुबई में AIM कांग्रेस 2026 में वैश्विक निवेशकों को शामिल करके बड़े निवेशों को तेज करने, रोजगार सृजित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने की उम्मीद करते हैं। यह यात्रा GIS 2027 की तैयारियों के साथ भी संरेखित है और इसमें कृषि, बुनियादी ढांचे और खाद्य प्रसंस्करण में अवसरों की रूपरेखा तैयार करने वाली प्रमुख फर्मों और संप्रभु धन निधियों के साथ सत्र शामिल हैं।
मध्यप्रदेश में निवेश, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 से 9 सितंबर तक दुबई के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे दुनिया के प्रमुख निवेश मंचों में शामिल AIM Congress 2026 (Annual Investment Meeting) में हिस्सा लेंगे और ‘Invest in Madhya Pradesh-2026’ के तहत वैश्विक निवेशकों के साथ संवाद करेंगे।

सरकार को उम्मीद है कि इस दौरे से मध्यप्रदेश में बड़े निवेश प्रस्तावों को गति मिलेगी और राज्य को वैश्विक निवेश गंतव्य के तौर पर स्थापित करने में मदद मिलेगी। यह दौरा भोपाल में प्रस्तावित Global Investors Summit (GIS) 2027 की तैयारियों की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
AIM Congress दुनिया के प्रमुख निवेश मंचों में से एक है। इस वर्ष इसका आयोजन 7 से 9 सितंबर तक दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में किया जा रहा है। कार्यक्रम में सरकारों, बड़े निवेशकों, Sovereign Wealth Funds, Family Offices और वैश्विक कंपनियों के एक मंच पर आने की उम्मीद है।
पिछले आयोजन में 181 देशों के करीब 15,800 प्रतिनिधियों, 9 राष्ट्राध्यक्षों और 74 मंत्रियों ने हिस्सा लिया था तथा 47 एमओयू हुए थे। इस बार 180 से अधिक देशों के करीब 20,000 प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
बड़े निवेशकों और कंपनियों से सीधी मुलाकात
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव AIM Congress 2026 में UAE के विदेश व्यापार राज्य मंत्री और AIM Congress के अध्यक्ष डॉ. थानी बिन अहमद अल ज़ेयूदी के आमंत्रण पर शामिल होंगे। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री दुनिया के बड़े निवेशकों और कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। आमंत्रण आधारित ‘Tycoons’ कार्यक्रम में करीब 500 Sovereign Wealth Funds, Family Offices और बड़े कारोबारी शामिल होंगे।
इसके अलावा DP World, VFS Global, Emaar, Choythram, Sharaf Group और KGK सहित विभिन्न कंपनियों के साथ अलग-अलग बैठकें और ‘Invest in Madhya Pradesh’ सत्र आयोजित किए जाएंगे।
वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में MP की ब्रांडिंग
दौरे के दौरान मध्यप्रदेश पवेलियन, ODOP (One District One Product) प्रदर्शन और मीडिया संवाद के माध्यम से प्रदेश की औद्योगिक एवं आर्थिक क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य मध्यप्रदेश की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करते हुए उसे वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना है। इससे आगामी GIS-2027 के लिए संभावित निवेशकों तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
दुबई के बड़े खाद्य बाजार पर मध्यप्रदेश की नजर
दुबई के बड़े खाद्य आयात बाजार को भी मध्यप्रदेश के लिए महत्वपूर्ण अवसर के तौर पर देखा जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, दुबई अपनी खाद्य जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। UAE में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी होने के कारण भारतीय अनाज, दाल और प्रोसेस्ड फूड की मांग भी महत्वपूर्ण है।
मध्यप्रदेश कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश के प्रमुख राज्यों में शामिल है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार प्रदेश दाल उत्पादन में देश में पहले, मक्का में पहले, अनाज में दूसरे और गेहूं उत्पादन में दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश को ‘सोया प्रदेश’ के नाम से भी जाना जाता है और देश के सोयाबीन उत्पादन में राज्य की बड़ी हिस्सेदारी है। इस संदर्भ में लूलू ग्रुप के यूसुफ अली एमए के साथ प्रस्तावित बैठक को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे मध्यप्रदेश के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के अवसर तलाशे जा सकते हैं।
किसानों को मिल सकता है सीधा फायदा
सरकार के अनुसार, दुबई जैसे बड़े निर्यात बाजार तक पहुंच बनने से मध्यप्रदेश के किसानों को अपनी उपज के बेहतर बाजार और कीमत मिलने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही कोल्ड चेन, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को भी बढ़ावा मिल सकता है। यदि प्रदेश के कृषि उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में हिस्सेदारी बढ़ती है, तो इसका लाभ किसानों के साथ-साथ कृषि आधारित उद्योगों और रोजगार के अवसरों को भी मिल सकता है।
इंदौर, भोपाल समेत बड़े शहरों के लिए निवेश के अवसर
दुबई के शहरी विकास और रियल एस्टेट मॉडल को देखते हुए मध्यप्रदेश के बड़े शहरों के लिए भी निवेश के नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। दौरे के तीसरे दिन Emaar के साथ बैठक और बुर्ज खलीफा के दौरे का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के बीच अंतरराष्ट्रीय निवेश, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, टाउनशिप और कमर्शियल डेवलपमेंट के लिए विदेशी निवेशकों के साथ साझेदारी की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।
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