India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित व्यापार समझौता अब अपने अंतिम चरण में है, जिससे इसे लेकर बड़ी उम्मीदें जगी हैं। मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन ने बताया है कि इस डील से जुड़े अधिकांश मुद्दे सुलझ चुके हैं। यह बयान ऐसे वक्त आया है जब वैश्विक व्यापार माहौल अनिश्चित है, और दोनों देश एक स्थिर व संतुलित समझौते की तलाश में हैं। बता दें कि ट्रेड डील को पक्का करने को लेकर एक अमेरिकी डेलीगेशन भारत आया हुआ है।

डॉ. नागेश्वरन ने ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में स्पष्ट कहा, "अगर मार्च 2026 तक इंडिया-US ट्रेड डील न हुई, तो मुझे हैरानी होगी।" यह टिप्पणी निकट भविष्य में एक बड़े व्यापार समझौते की घोषणा का संकेत देती है, जो निर्यातकों, आयातकों और निवेशकों के लिए गेमचेंजर साबित होगा।
'ट्रेड डील से भारत में तकनीक, रक्षा, डिजिटल ट्रेड और सेवा क्षेत्र के नए द्वार खुलेगा'
CEA के अनुसार, पहले दोनों देशों में कुछ तकनीकी मतभेद थे, पर कई दौर की बातचीत के बाद अधिकतर मामलों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने पुष्टि की है कि ज्यादातर ट्रेड मुद्दे हल हो चुके हैं और बातचीत का माहौल सकारात्मक है।
सरकार का मानना है कि यह डील निवेश, निर्यात और टेक सेक्टर को बड़ा लाभ देगी। यह समझौता बिजनेस बढ़ाने के साथ ही भारत में तकनीक, रक्षा, डिजिटल ट्रेड और सेवा क्षेत्र के नए द्वार खोलेगा।
अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी कंपनियों की भारत में बढ़ती दिलचस्पी इस समझौते को और मजबूत करेगी। भारतीय निर्यातक, ख़ासकर टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, आईटी-सेवाएं और फार्मा सेक्टर, भी इससे बड़ा फायदा देख रहे हैं। CEA ने वर्तमान स्थिति को सकारात्मक बताते हुए कहा कि ज्यादातर ट्रेड इश्यू समाधान की ओर अग्रसर हैं और बस कुछ अंतिम औपचारिकताएं पूरी करनी बाकी हैं।


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