EU India Trade Deal : दुनियाभर में व्यापार को आसान बनाने के लिए भारत फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के प्रयास में जुटा है और अब तक कई देशों के साथ FTA पर सफलता भी हासिल की है। अब भारत यूरोपीय संघ यानी यूरोप के देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने के प्रयास में है। इस दिशा में अब तक 13 दौर की बातचीत हो चुकी है।

उम्मीद की जा रही है कि 14वें दौर की बातचीत में फ्री ट्रेड एंग्रीमेंट पर मुहर लग सकती है। इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए भारत और यूरोपीय संघ 6-10 अक्टूबर तक ब्रुसेल्स में मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के 14वें दौर की वार्ता करेंगे।
6-10 अक्टूबर के बीच होगी बातचीत
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, भारत और यूरोपीय संघ 6 से 10 अक्टूबर के बीच ब्रुसेल्स में प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए 14वें दौर की बातचीत करेंगे। दोनों पक्षों ने एक ऐसे सौदे को अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है जो संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी हो।
हाल ही में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पहले कहा था कि भारत और यूरोपीय संघ सभी मुद्दों पर सहमत नहीं हो पाएंगे, लेकिन उन्हें विश्वास है कि इसका परिणाम 'बहुत अच्छा समझौता' होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, "भारत और यूरोपीय संघ की टीमें एक मुक्त व्यापार समझौते के लिए गहन बातचीत कर रही हैं।" उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों के वार्ताकार वर्तमान में कमियों को दूर करने के लिए गहन विचार-विमर्श में लगे हुए हैं।
वहीं, यूरोप के ट्रेड कमिश्नर मारोस सेफकोविक ने ACMA की एक मीटिंग में कहा, कि वे इस समझौते पर काफी समय से बात कर रहे हैं। अब इसमें बहुत तेजी आई है क्योंकि मंत्री गोयल और वह खुद इस पर फोकस कर रहे हैं। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन का भी इसे पूरा समर्थन है। वे इस साल के अंत तक बातचीत पूरी करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, कि भारत बहुत तेजी से दुनिया की इकोनॉमी में बड़ी भूमिका निभा रहा है। यहां एक मजबूत आर्थिक साझेदारी से EU को बहुत फायदा होगा। यूरोप की तकनीक भारत के विकास में मदद करेगी। अभी दुनिया में व्यापार को लेकर तनाव चल रहा है। ऐसे में दोनों देशों के अधिकारी मतभेदों को कम करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। गोयल और सेफकोविक मिलकर मुश्किल मुद्दों का हल निकालने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों पक्ष लगभग 20 साल से व्यापार समझौते पर बात कर रहे हैं, लेकिन इस साल इसमें तेजी आई है।
13 दौर की हो चुकी है बातचीत
वार्ता का आखिरी दौर, 13वां, 8 से 12 सितंबर तक भारत में हुआ था। उस दौर के दौरान, यूरोपीय संघ के उपाध्यक्ष मारोस सेफकोविक और कृषि आयुक्त क्रिस्टोफ हेन्सन ने वार्ता की प्रगति की समीक्षा करने के लिए गोयल से मुलाकात की।
यूरोपीय संघ की प्रमुख मांगों में से एक ऑटो सेक्टर में शुल्क रियायत है। वर्तमान में, भारत वाहनों पर 100 प्रतिशत से अधिक आयात शुल्क लगाता है। भारत हाल ही में इस साल मई में हस्ताक्षरित एक व्यापार समझौते के तहत यूके की ऑटो कंपनियों के लिए इसी तरह की रियायतों पर सहमत हुआ है। यूरोपीय संघ अपनी कंपनियों के लिए बाजार पहुंच को बढ़ावा देने के लिए इसी तरह की व्यवस्था की उम्मीद करता है।
वोक्सवैगन और मर्सिडीज-बेंज सहित कई यूरोपीय ऑटो दिग्गज पहले से ही भारत में विनिर्माण संयंत्र संचालित कर रहे हैं। यूरोपीय संघ ने कहा है कि यह साझेदारी न केवल व्यापार के बारे में है, बल्कि उच्च-मूल्य निवेश के बारे में भी है, जिससे उसका मानना है कि भारत में हज़ारों नए रोज़गार सृजित होंगे।


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