Horlicks पीते हैं? तो ये ख़बर आपको चौंका देगी! हॉर्लिक्स को हड्डियों की मजबूती और बेहतर पोषण से जोड़कर देखते हैं, तो इससे जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने Hindustan Unilever Limited (HUL) और Nestlé India को कुछ खाद्य उत्पादों के दावों और लेबलिंग में कथित गड़बड़ियों को लेकर नोटिस जारी किए हैं। हॉर्लिक्स के दो उत्पादों के हेल्थ क्लेम्स पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, नेस्ले के कुछ कॉफी ड्रिंक्स और मेडिकल न्यूट्रिशन प्रोडक्ट को लेकर भी नियामक ने आपत्तियां दर्ज की हैं।

FSSAI की इस कार्रवाई के बाद खाद्य उत्पादों की पैकेजिंग पर लिखे हेल्थ क्लेम्स, शुगर से जुड़े दावों और पोषण संबंधी जानकारियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
Horlicks Women's Plus के हेल्थ क्लेम्स पर सवाल
FSSAI ने HUL के Horlicks Women's Plus Chocolate Nutrition Drink के 400 ग्राम पैक को लेकर नोटिस जारी किया है। नियामक ने उत्पाद पर किए गए कई दावों को भ्रामक या लागू नियमों के अनुरूप नहीं पाया। इनमें 'Nutrition for Strong Bones', 'Clinically Proven to Help Improve Bone Strength in 6 Months' और 'Improves Bone Health' जैसे दावे शामिल हैं। इन दावों के जरिए उत्पाद को हड्डियों की मजबूती और बोन हेल्थ में सुधार से जोड़ा गया था।
इसके अलावा, उत्पाद पर इस्तेमाल किए गए 'Healthy Muscles' दावे पर भी आपत्ति जताई गई है। FSSAI के मुताबिक, खाद्य उत्पादों के दावों में 'Healthy' शब्द का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए।
इस मामले में नियामक ने कंपनी से जवाब मांगा है। इसका मतलब यह नहीं है कि उत्पाद को लेकर कोई अंतिम फैसला हो चुका है, बल्कि कंपनी को अपनी बात रखने का मौका दिया गया है।
'No Added Sugar' के दावे पर क्यों उठे सवाल?
Horlicks Women's Plus के मामले में सबसे अहम मुद्दों में से एक 'No Added Sugar' का दावा है। FSSAI ने उत्पाद में Maltodextrin की मौजूदगी को देखते हुए इस दावे पर सवाल उठाए हैं।
Maltodextrin एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है, जिसका इस्तेमाल खाद्य उत्पादों में किया जाता है। शरीर इसे पचाकर ग्लूकोज में बदल सकता है। हालांकि, Maltodextrin की मौजूदगी अपने आप में यह साबित नहीं करती कि किसी उत्पाद में अतिरिक्त चीनी मिलाई गई है। इस मामले में नियामक की आपत्ति उत्पाद की संरचना और उस पर किए गए दावे से जुड़ी है। FSSAI ने उत्पाद पर कैल्शियम, विटामिन D और K2 की 100 प्रतिशत Recommended Dietary Allowance (RDA) उपलब्ध कराने से जुड़े दावे पर भी नियमों के अनुपालन को लेकर सवाल उठाए हैं। इसके अलावा, पोषण संबंधी जानकारी वाली टेबल के निर्धारित फॉर्मेट में नहीं होने की बात भी सामने आई है।
यह मामला इसलिए अहम है, क्योंकि ग्राहक पैकेट पर लिखे 'No Added Sugar' और दूसरे पोषण संबंधी दावों के आधार पर खरीदारी का फैसला कर सकते हैं।
Horlicks Mother's Plus पर भी कार्रवाई
FSSAI ने Horlicks Mother's Plus Kesar के 400 ग्राम पैक को लेकर भी HUL को नोटिस जारी किया है, Regulator ने पैकेट पर लिखे 'Healthy Birth Weight' और विज्ञापन में इस्तेमाल किए गए 'For baby's healthy birth weight' जैसे दावों पर आपत्ति जताई है।
FSSAI के मुताबिक, इन दावों से ऐसा संकेत मिल सकता है कि उत्पाद का सेवन करने से बच्चे का जन्म के समय वजन स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। नियामक ने इन दावों को भ्रामक होने की आशंका जताते हुए संबंधित नियमों के अनुपालन पर सवाल उठाए हैं।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उत्पाद के नाम और प्रचार में गर्भावस्था, स्तनपान, बच्चे के जन्म के वजन और दिमाग के विकास से जुड़ी जानकारी के इस्तेमाल पर भी आपत्ति दर्ज की गई है।
इस मामले में भी कंपनी से जवाब मांगा गया है।
Nestlé India के उत्पाद भी जांच के दायरे में
FSSAI की कार्रवाई केवल हॉर्लिक्स तक सीमित नहीं है। Nestlé India के कुछ उत्पादों को लेकर भी नियामक ने सवाल उठाए हैं। Nestle के Nescafé Intense Café Cappuccino, Nescafé Choco Mocha और Nescafé Chilled Latte जैसे रेडी-टू-ड्रिंक उत्पादों की पैकेजिंग और ऑनलाइन लिस्टिंग में उत्पाद की कैटेगरी से जुड़ी जानकारियों में कथित असंगतियां पाई गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पैकेट के सामने की तरफ 'Flavoured Milk' लिखा था, जबकि पीछे 'Proprietary Food - 1.12 Dairy Based Drink' जैसी कैटेगरी दर्ज थी। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उत्पादों के विवरण को लेकर सवाल उठे हैं।
इसके अलावा, Nestlé India के Resource Renal Vanilla Flavour Powder को लेकर भी नोटिस जारी किया गया है। यह उत्पाद क्रोनिक किडनी डिजीज के कुछ मरीजों के खानपान संबंधी प्रबंधन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। FSSAI ने इस उत्पाद के लिए जरूरी पूर्व मंजूरी और पैकेट पर अनिवार्य शाकाहारी या मांसाहारी निशान से जुड़ी कथित कमियों पर जवाब मांगा है।
ग्राहकों के लिए क्या है इसका मतलब?
FSSAI की यह कार्रवाई बताती है कि खाद्य उत्पादों के विज्ञापनों और पैकेजिंग पर किए जाने वाले दावे भी नियामक जांच के दायरे में आते हैं। किसी उत्पाद पर 'Healthy', 'No Added Sugar' या किसी खास स्वास्थ्य लाभ का दावा होने भर से यह जरूरी नहीं कि हर ग्राहक के लिए वही लाभ सुनिश्चित हो।
खरीदारी करते समय उत्पाद की सामग्री, पोषण संबंधी जानकारी और इस्तेमाल से जुड़े निर्देश पढ़ना जरूरी है। गर्भावस्था या किसी बीमारी के दौरान विशेष न्यूट्रिशन प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन की सलाह लेना भी बेहतर है।
फिलहाल HUL और Nestlé India से संबंधित मामलों में नोटिस जारी किए गए हैं और कंपनियों से जवाब मांगा गया है। आगे की कार्रवाई उनके जवाब और लागू नियमों के आधार पर तय होगी। इसलिए इसे कंपनियों के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष के बजाय खाद्य उत्पादों के दावों और लेबलिंग की निगरानी से जुड़ी नियामकीय कार्रवाई के तौर पर देखना चाहिए।


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