Gold-Silver vs Sensex-Nifty Returns: सोने, चांदी और शेयर बाज़ार (इक्विटी) के प्रदर्शन की तुलना हमेशा निवेशकों के बीच चर्चा का विषय रही है। हाल के दिनों में देखें तो सोने और चांदी में जबरदस्त उछाल देखी गई है और ये अपना ऑल टाईम हाई छूने के बाद थोड़ा नीचे कारोबार कर रहा है। वहीं घरेलू शेयर बाज़ार सेंसेक्स-निफ्टी की बात करें तो पिछले काफी समय से इसमें कंसोलिडेशन देखा जा रहा है। हालांकि, 1 साल, 2 साल या पांच साल के अवधि की बात करें तो सोना-चांदी हो या फिर सेंसेक्स-निफ्टी, निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न मिला है।

यदि कोई निवेशक सोना-चांदी या सेंसेक्स-निफ्टी में पैसा लगाने के बारे में योजना बनाना चाहता है तो उसको निर्णय लेने में यह स्टोरी काफी मददगार साबित हो सकता है। आज हम आपको यहां पर 1 साल, 2 साल और 5 साल की अवधि में किसने सर्वाधिक रिटर्न दिया है। साथ में एक्सपर्ट के हिसाब से समझते हैं कि आने वाले समय में सेंसेक्स-निफ्टी या सोना-चांदी में कहां निवेश करना फायदेमंद साबित हो सकता है...
सोना और चांदी का प्रदर्शन
सोना (Gold)
एक्सिस एमएफ के अनुमान के मुताबिक, 2025 तक सोने की कीमतों में साल-दर-साल 35-40% तक की वृद्धि हो सकती है। हाल की रिपोर्टों से पता चलता है कि सोने ने एक साल की अवधि में बेहतरीन रिटर्न दिया है। उदाहरण के लिए, भारत में एमसीएक्स (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर सोने की कीमतों में एक साल में लगभग 52% का उछाल दर्ज किया गया है।
लंबी अवधि में भी सोने का प्रदर्शन सराहनीय रहा है। कीमती धातुओं पर आधारित एक मासिक रिपोर्ट के अनुसार, 5 साल की अवधि में चांदी ने (विभिन्न मुद्राओं में) औसतन लगभग 13.3% वार्षिक रिटर्न दिया है, और सोने का लॉन्गटर्म प्रदर्शन भी अच्छा रहा है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि रुपये में सोने का लॉन्ग टर्म चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) अपेक्षाकृत मध्यम है। स्टारट्रेडर का अनुमान है कि 10 वर्षों में रुपये में सोने का CAGR लगभग 8-9% रहेगा।
चांदी (Silver)
पिछले एक साल में चांदी का रिटर्न सोने से भी बेहतर रहा है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, 12 महीनों में चांदी का रिटर्न लगभग 44% बढ़ा है, जबकि सोने का 41% बढ़ा है। 5 साल के लिए, यही मासिक कीमती धातुओं का डेटा बताता है कि चांदी ने प्रति वर्ष लगभग 13.3% का रिटर्न दिया है, जो मुद्रा पर निर्भर करता है।
शेयर बाज़ार (इक्विटी) SENSEX NIFTY Returns
भारत के प्रमुख इक्विटी बेंचमार्क निफ्टी 50 के रिटर्न के अनुसार, निफ्टी 50 का 1-वर्षीय रिटर्न लगभग 11.24% रहा है, जबकि इसका 5-वर्षीय CAGR लगभग 16.65% है। वहीं, सेंसेक्स की बात करें तो 1 साल में लगभग 9% जबकि 5 साल (CAGR) लगभग 14.15% है। पिछले 2 साल में सेंसेक्स में लगभग 30% का रिटर्न निवेशकों को मिला है।
किसमें कितना दम?
शॉर्ट टर्म (1 वर्ष): रिपोर्ट्स के अनुसार, सोने और चांदी ने कम से कम 12 महीने यानी 1 सैल की अवधि में भारतीय शेयर बाजार (निफ्टी/सेंसेक्स) की तुलना में कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है।
मिड टर्म (2 वर्ष): आंकड़ों पर नजर डालें तो कीमती धातुओं (सोना-चांदी) ने पिछले 2 साल में अच्छा रिटर्न दिया है। सोना ने लगभग 40-50% CAGR जबकि चांदी का लगभग 80% CAGR रहा है। ऐसे में यहां पर भी सोना-चांदी का प्रदर्शन सेंसेक्स-निफ्टी से बेहतर रहा है।
लॉन्ग टर्म (5+ वर्ष): 5 वर्षों की अवधि में इक्विटी (निफ्टी 50) ने लगभग 16.65% का CAGR दिया है। वहीं अगर सोना (Gold) की बात करें तो इस अवधि में लगभग 131% बढ़ा है जबकि चांदी (Silver) 126% उछला है। यानी यहां पर भी सोना-चांदी का प्रदर्शन बहुत दमदार रहा है।
अगले 1 साल में कहां निवेश करना फायदेमंद?
अभी भारत में सोने की कीमत लगभग 1,25,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। विश्लेषकों का मानना है कि सोना आगे भी 'Safe Haven' परिसंपत्ति के रूप में आकर्षक बना रहेगा। आने वाले 12-18 महीनों में सोने की कीमत में 5% से 15% तक उछाल देखने को मिल सकती है। वहीं, भारत में चांदी की कीमत वर्तमान में लगभग 1.55 लाख रुपये से 1.60 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास है। आने वाले एक साल में चांदी की कीमत में सम्भवत 10% से 20% तक उछाल देखी जा सकती है।
शेयर मार्केट यानी सेंसेक्स निफ्टी की बात करें तो ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs ने Nifty 50 के लिए वर्ष-अंत तक लगभग 14% की तेजी का टारगेट दिया है। वहीं, Morgan Stanley ने Sensex के लिए जून 2026 तक 100,000 के पास पहुंचने की संभावना जताई है।
[Disclaimer: यहां व्यक्त किए गए विचार और सुझाव केवल व्यक्तिगत विश्लेषकों या इंस्टीट्यूशंस के अपने हैं। ये विचार या सुझाव Goodreturns.in या ग्रेनियम इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड (जिन्हें सामूहिक रूप से 'We' कहा जाता है) के विचारों को प्रतिबिंबित नहीं करते हैं। हम किसी भी कंटेंट की सटीकता, पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी, समर्थन या ज़िम्मेदारी नहीं लेते हैं, न ही हम कोई निवेश सलाह प्रदान करते हैं या प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) की खरीद या बिक्री का आग्रह करते हैं। सभी जानकारी केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रदान की जाती है और कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकारों से स्वतंत्र रूप से सत्यापित जरूर करें।]
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