Fed Rate Hike के बाद Indian Rupee, Stock Market और Gold-Silver पर पड़ेगा दबाव? Sharad Kohli का बड़ा Outlook

Fed Rate Hike Impact On India: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। हालांकि, बाजार की चिंता सिर्फ Rate Hike को लेकर नहीं है, बल्कि Fed के आगे के संकेतों ने भी निवेशकों को सतर्क कर दिया है। Hawkish Commentary के बाद अब सवाल यह है कि अमेरिका, Global Liquidity, भारतीय Rupee और Stock Market पर इसका कितना असर पड़ेगा।

GoodReturns के साथ बातचीत में Market Expert Sharad Kohli ने Fed Policy से लेकर भारतीय Economy, Rupee, Bond Market, Gold-Silver और अगले 3 से 6 महीने के Outlook पर अपनी राय रखी।

Fed Rate Hike

US Economy कितनी मजबूत है?

Sharad Kohli ने अमेरिकी Economy की मजबूती को लेकर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, अमेरिका पर Debt का बोझ $40 Trillion से ज्यादा हो चुका है और Bond Yields में लगातार बढ़ोतरी Treasury पर दबाव बढ़ा रही है।

उनका कहना है कि अमेरिकी 10-Year Bond Yield 5% के ऊपर है, जबकि 30-Year Yield करीब 5.3-5.4% के आसपास है। Bond Prices में गिरावट और Yields में बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि Treasury Market में दबाव बना हुआ है।

Kohli के मुताबिक, अमेरिका में Jobs Creation भी Economy की मजबूती की पूरी तस्वीर नहीं दिखा रहा है। उन्होंने 1.62 लाख Jobs के आंकड़े का जिक्र करते हुए कहा कि इनमें बड़ी संख्या Routine Jobs की है।

Fed Rate Hike से Stock Market पर क्या असर?

Rate बढ़ने का सीधा असर Borrowing Cost पर पड़ता है। इससे Corporates और Industries के लिए पैसा महंगा हो जाता है। Fed के फैसले के बाद अमेरिकी Stock Market में भी दबाव देखने को मिला।

Sharad Kohli के मुताबिक, Dow में 600 से ज्यादा अंकों की गिरावट आई, जबकि S&P 500 और Nasdaq पर भी नकारात्मक असर देखा गया।

उनके मुताबिक, अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो Global Liquidity पर भी इसका असर पड़ सकता है।

भारतीय Stock Market पर भी Global Factors का असर बना हुआ है। Kohli के मुताबिक, भारतीय बाजार ने Fed के फैसले को पूरी तरह Ignore नहीं किया है।

उन्होंने FII और FPI Selling का जिक्र करते हुए कहा कि Foreign Investors की बिकवाली फिर शुरू हुई है। उनके मुताबिक, भारतीय Market फिलहाल Domestic Growth से ज्यादा Crude Oil, Bond Yields, Dollar और Geopolitical Factors को देख रहा है।

उन्होंने कहा कि 7.8% की GDP Growth के बावजूद Market में इसे लेकर बहुत ज्यादा उत्साह नहीं दिख रहा है।

Rupee पर बढ़ सकता है दबाव

Fed की Hawkish Policy का असर भारतीय Rupee पर भी पड़ सकता है। अगर अमेरिका में Interest Rates ऊंची रहती हैं, तो Capital Flow अमेरिका की तरफ जाने का Risk बढ़ सकता है।

Sharad Kohli के मुताबिक, Rupee पहले 94 के आसपास आया था, लेकिन अब फिर 96 के करीब दबाव में है। उनका मानना है कि Currency पर दबाव बढ़ने से भारत में Imported Inflation का Risk भी बढ़ सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि अगर Inflation आगे बढ़ता है तो RBI के सामने Monetary Policy को लेकर चुनौती बढ़ सकती है।

क्या RBI फिर Rate Hike कर सकता है?

Kohli के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में RBI का Stance आगे चलकर Hawkish से Neutral हो सकता है। अगर Inflation और Rupee पर दबाव बढ़ता है तो 25-25 Basis Points की Rate Hike की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

हालांकि, यह काफी हद तक Crude Oil Prices और Global Market Conditions पर निर्भर करेगा।

क्या Foreign Investors भारतीय Bond Market में लौट सकते हैं?

भारतीय Bond Market में Foreign Investors की वापसी को लेकर Kohli का Outlook अलग है। उनके मुताबिक, India का 10-Year Bond Yield करीब 7.5% तक पहुंच गया है, जो Foreign Investors के लिए आकर्षक हो सकता है।

उनका कहना है कि Stable और Secured Economies में इतनी Yield मिलना मुश्किल है। ऐसे में आने वाले समय में Foreign Investors भारतीय Bond Market में वापस आ सकते हैं।

Gold और Silver में क्यों बढ़ सकती है चमक?

Geopolitical Tensions और Global Economic Uncertainty के बीच Gold और Silver पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।

Sharad Kohli के मुताबिक, अगर Geopolitical Situation और खराब होती है और Equity Markets पर दबाव बढ़ता है तो Gold और Silver को फायदा मिल सकता है।

उन्होंने अगले 2 से 5 साल में Gold और Silver के लिए बेहतर संभावनाएं बताईं, हालांकि Short Term में Gold में Volatility बनी रहने की बात भी कही।

Japan की Rate Hike का क्या असर होगा?

Bank of Japan की Policy भी Global Markets के लिए अहम है। Kohli के मुताबिक, Japan में Rate Hike होने से Yen को कुछ Support मिल सकता है।

Japan में Interest Rate बढ़ने से अमेरिका और Japan के बीच Interest Arbitrage कम हो सकता है। इससे Japan से Capital Outflow पर भी असर पड़ सकता है और Yen को Stabilize करने में मदद मिल सकती है।

अगले 3 महीने भारत के लिए कैसे रहेंगे?

Sharad Kohli के मुताबिक, अगले 3 महीनों में भारतीय Economy की Growth Story जारी रह सकती है। Festive Season भारत की Consumption को Support करेगा।

Dussehra, Navratri और Diwali जैसे त्योहारों के दौरान Consumption बढ़ने से Economy को Support मिलने की उम्मीद है। उनके मुताबिक, भारत की GDP में Consumption की हिस्सेदारी करीब 60% है, इसलिए Festive Demand का असर Economy पर दिखाई दे सकता है।

अगले 6 महीने में किन Factors पर रहेगी नजर?

अगले 6 महीनों के Outlook में Crude Oil सबसे महत्वपूर्ण Factors में से एक रहेगा। इसके अलावा Geopolitical Tensions, Global Economy, FII-FPI Flows और Tariff Threat भी भारतीय Economy और Markets को प्रभावित कर सकते हैं।

Kohli के मुताबिक, अगर Crude Oil महंगा रहता है और Geopolitical Tensions बढ़ती हैं तो भारत के लिए Inflation और Growth दोनों मोर्चों पर चुनौती बढ़ सकती है।

Inflation बन सकता है बड़ा Risk

भारतीय Economy के लिए सबसे बड़ी चिंताओं में से एक Inflation है। अगर Crude Oil और दूसरे Imported Costs बढ़ते हैं तो Inflation पर दबाव आ सकता है।

ऐसी स्थिति में RBI को Interest Rates को लेकर सख्त रुख अपनाना पड़ सकता है। अगर Rate Hike होती है तो इसका असर Economic Growth पर भी पड़ सकता है।

क्या भारत की Growth Story बरकरार रहेगी?

Sharad Kohli के मुताबिक, अगले 3 महीनों के लिए भारत की Growth Story फिलहाल बरकरार दिखाई देती है। Festive Consumption Economy को Support कर सकता है।

हालांकि, 6 महीने के Outlook में तस्वीर काफी हद तक Crude Oil, Global Economy और Geopolitical Conditions पर निर्भर करेगी।

यानी फिलहाल भारत के लिए Domestic Growth एक Positive Factor है, लेकिन Global Market से जुड़े Risks को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। Fed की Policy, Rupee, Crude Oil, Bond Yields और Foreign Fund Flows आने वाले महीनों में भारतीय Market की दिशा तय करने वाले प्रमुख Factors रहेंगे।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+