Binance Hack: दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज Binance पर हुए बड़े साइबर हमले के बाद यूजर्स के बीच हड़कंप मच गया है। प्लेटफॉर्म पर निकासी की सुविधा दोबारा शुरू होते ही निवेशकों ने तेजी से अपना पैसा निकालना शुरू कर दिया। महज 9.5 घंटे के भीतर Binance से करीब 4.65 अरब डॉलर यानी लगभग ₹39,000 करोड़ की निकासी हुई। इस घटना ने एक बार फिर क्रिप्टो एक्सचेंज की सुरक्षा और निवेशकों के पैसे की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, Binance पर हुए इस साइबर हमले में करीब 6.3 अरब डॉलर यानी लगभग ₹53,000 करोड़ की क्रिप्टोकरेंसी चोरी होने की बात सामने आई है। FBI ने इस हमले के पीछे उत्तर कोरिया से जुड़े हैकिंग ग्रुप TraderTraitor का हाथ बताया है। यह क्रिप्टो इंडस्ट्री के सबसे बड़े साइबर हमलों में से एक माना जा रहा है।
निकासी शुरू होते ही यूजर्स ने निकाले अरबों डॉलर
हैकिंग के बाद Binance ने सुरक्षा कारणों से प्लेटफॉर्म पर निकासी की सुविधा अस्थायी रूप से रोक दी थी। इसके बाद कंपनी ने 1 नवंबर से चरणबद्ध तरीके से निकासी की सुविधा दोबारा शुरू की।
निकासी बहाल होने के शुरुआती 9.5 घंटों में यूजर्स ने करीब 4.65 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी निकाली, जबकि इसी दौरान लगभग 1.1 अरब डॉलर की नई रकम प्लेटफॉर्म पर जमा हुई। इस तरह कुल नेट आउटफ्लो करीब 3.64 अरब डॉलर यानी लगभग ₹30,600 करोड़ रहा।
Binance के मुताबिक, यह रकम उसके कुल एसेट्स का लगभग 2.1% है। हालांकि, क्रिप्टो एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म DefiLlama ने आउटफ्लो का आंकड़ा इससे अधिक करीब 4.36 अरब डॉलर बताया। Binance ने इस आंकड़े पर सवाल उठाते हुए कहा कि इसमें कंपनी के अपने नए हॉट वॉलेट में किए गए ट्रांसफर शामिल नहीं हैं।
Binance ने 95% चोरी हुई रकम कवर करने का किया दावा
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल निवेशकों के फंड की सुरक्षा को लेकर है। Binance ने दावा किया है कि उसने चोरी हुई करीब 6.3 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी में से लगभग 95% रकम को कवर कर लिया है।
कंपनी ने बताया कि प्रभावित एसेट्स की भरपाई के लिए अपने रिजर्व, SAFU यानी Secure Asset Fund for Users, Futures Insurance Fund और कॉरपोरेट ट्रेजरी का इस्तेमाल किया गया है।
Binance के मुताबिक, बाकी बची करीब 5% रकम ऐसे टोकन में है, जिनकी बाजार में लिक्विडिटी कम है। कंपनी इन टोकन को बाजार और OTC यानी Over-the-Counter माध्यम से खरीदकर पूरा करने की कोशिश कर रही है।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि हैकिंग से हुए वित्तीय नुकसान का बोझ यूजर्स पर नहीं डाला जाएगा। Binance ने करीब 1 अरब डॉलर के SAFU फंड को दोबारा भरने की प्रतिबद्धता भी जताई है।
कैसे हुआ Binance पर इतना बड़ा साइबर हमला?
Binance के शुरुआती आकलन के मुताबिक, यह एक जटिल साइबर हमला था। इसमें कंपनी के एक इंजीनियर के लैपटॉप के कॉम्प्रोमाइज होने और उसमें मैलवेयर के इस्तेमाल की आशंका जताई गई है।
जांच एजेंसियों और ब्लॉकचेन रिसर्च कंपनियों ने इस हमले को उत्तर कोरिया से जुड़े TraderTraitor हैकिंग ग्रुप से जोड़ा है। FBI ने भी इस समूह की भूमिका की ओर इशारा किया है।
हमले के बाद Binance ने दूसरी क्रिप्टो कंपनियों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर चोरी हुई रकम को ट्रैक और फ्रीज करने की कोशिश की। कंपनी के मुताबिक, लगभग 3 अरब डॉलर के प्रभावित एसेट्स को फ्रीज करने में मदद मिली है।
क्या Binance में यूजर्स का पैसा सुरक्षित है?
Binance का कहना है कि यूजर्स के फंड सुरक्षित हैं और कंपनी हैकिंग से हुए नुकसान की भरपाई खुद करेगी। कंपनी ने प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी जैसे Bitcoin, Ethereum, USDT, BNB, Solana और USDC के बैलेंस को पूरी तरह बैक्ड बताया है।
हालांकि, इस घटना के बाद यूजर्स का तेजी से पैसा निकालना दिखाता है कि बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज पर भी साइबर हमले का जोखिम बना रहता है।
निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि किसी एक्सचेंज पर क्रिप्टोकरेंसी रखने और उसे अपने निजी वॉलेट में रखने के जोखिम अलग-अलग होते हैं। एक्सचेंज की सुरक्षा व्यवस्था, प्रूफ ऑफ रिजर्व्स, निकासी की सुविधा और साइबर सिक्योरिटी सिस्टम को समझना बेहद जरूरी है।
Binance ने कहा है कि पूरी जांच समाप्त होने के बाद वह इस घटना पर विस्तृत पोस्ट-इंसिडेंट रिपोर्ट जारी करेगा। फिलहाल बाजार की नजर इस बात पर है कि निकासी का दबाव आने वाले दिनों में कितना कम होता है और कंपनी निवेशकों का भरोसा किस तरह वापस हासिल करती है।


Click it and Unblock the Notifications