Auto Stocks: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार, 2 नवंबर को ऑटो सेक्टर के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। अक्टूबर महीने में ऑटो कंपनियों की मजबूत बिक्री के आंकड़ों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। इसके चलते Maruti Suzuki, Tata Motors Passenger Vehicles, Hyundai Motor India और Ashok Leyland जैसे शेयरों में 2 से 3 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई।

कारोबारी सत्र के दौरान Nifty Auto Index भी 1 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 25,700 के स्तर के पार पहुंच गया। बाजार में ऑटो शेयरों की तेजी को अक्टूबर में बनी मजबूत त्योहारी मांग का संकेत माना जा रहा है।
Maruti Suzuki से Tata Motors तक शेयरों में तेजी
2 नवंबर को Nifty Auto इंडेक्स में शामिल 15 शेयरों में से केवल तीन शेयर Eicher Motors, Bajaj Auto और Hero MotoCorp गिरावट में कारोबार कर रहे थे। वहीं, Maruti Suzuki के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी देखने को मिली।
इसके अलावा Tata Motors Passenger Vehicles, Hyundai Motor India और Ashok Leyland के शेयर भी 2 फीसदी से ज्यादा चढ़े। अक्टूबर की बिक्री के मजबूत आंकड़ों ने इन कंपनियों के शेयरों को सपोर्ट दिया।
अक्टूबर में Maruti Suzuki की रिकॉर्ड बिक्री
Maruti Suzuki ने अक्टूबर 2026 में कुल 2,76,120 गाड़ियों की बिक्री दर्ज की। यह पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले करीब 25 फीसदी ज्यादा है और कंपनी की अब तक की सबसे ज्यादा मासिक बिक्री है।
वहीं, TVS Motor की बिक्री में सालाना आधार पर 29 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। Tata Motors के कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट की बिक्री 27 फीसदी बढ़ी, जबकि Ashok Leyland ने 23 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की।
हालांकि, ट्रैक्टर सेगमेंट का प्रदर्शन कमजोर रहा। Mahindra & Mahindra की कुल बिक्री में 12 फीसदी की गिरावट आई। कंपनी के मुताबिक, इसकी एक बड़ी वजह इस साल दिवाली का नवंबर में होना है, जबकि पिछले साल दिवाली अक्टूबर में थी।
ब्रोकरेज को टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल कंपनियों पर भरोसा
ब्रोकरेज फर्म Jefferies के मुताबिक, अक्टूबर में टू-व्हीलर की मांग मजबूत बनी रही और पैसेंजर व्हीकल की बिक्री में भी तेजी देखने को मिली। TVS Motor, Maruti Suzuki और Hero MotoCorp ने ब्रोकरेज के बिक्री अनुमानों से बेहतर प्रदर्शन किया।
Jefferies ने TVS Motor और Eicher Motors को अपनी पसंदीदा कंपनियों में बरकरार रखा है।
वहीं, Emkay Global का मानना है कि फिलहाल पैसेंजर व्हीकल कंपनियों के मुकाबले टू-व्हीलर और कमर्शियल व्हीकल कंपनियों में निवेश के बेहतर अवसर हो सकते हैं। इसकी वजह यह है कि इन कंपनियों के पास कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का बोझ ग्राहकों पर डालने की बेहतर क्षमता है।
आगे ऑटो सेक्टर के लिए क्या हैं चुनौतियां?
अक्टूबर की मजबूत बिक्री के बावजूद ऑटो सेक्टर के सामने कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं। पिछले साल GST में कटौती के बाद बिक्री में आई तेजी के कारण इस बार कंपनियों के सामने हाई बेस का दबाव है।
इसके अलावा कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतें आने वाले महीनों में कंपनियों की ग्रोथ को प्रभावित कर सकती हैं।
दिवाली की तारीख में बदलाव के कारण सालाना आधार पर बिक्री की तुलना करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में त्योहारी सीजन खत्म होने के बाद ऑटो कंपनियों की मांग किस स्तर पर बनी रहती है, यह शेयरों की आगे की चाल के लिए अहम होगा।
कुल मिलाकर अक्टूबर की मजबूत बिक्री ने ऑटो सेक्टर को नई मजबूती दी है, लेकिन आगे निवेशकों की नजर कंपनियों की बिक्री, लागत और मुनाफे पर बनी रहेगी।
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