जेफरीज ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस पर अपनी बाय रेटिंग बरकरार रखी है, लक्ष्य मूल्य को ₹2,060 तक बढ़ाया है। ब्रोकर ऊर्जा समाधान प्लेटफॉर्म के मजबूत प्रदर्शन, ट्रांसमिशन और स्मार्ट मीटर सेगमेंट में विस्तार, और मजबूत पाइपलाइन पर प्रकाश डालता है, जो मध्य-अवधि की कमाई वृद्धि का सुझाव देता है।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड के शेयर को लेकर वैश्विक ब्रोकरेज कंपनी जेफरीज ने सकारात्मक रुख बरकरार रखा है। जेफरीज ने कंपनी के शेयर का लक्ष्य मूल्य 1,905 रुपये से बढ़ाकर 2,060 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज के अनुसार, कंपनी के ऊर्जा कारोबार में तेजी और मध्यम अवधि में मजबूत वृद्धि की संभावनाओं ने इस सकारात्मक अनुमान को मजबूती दी है।

जेफरीज की 23 जुलाई 2026 को जारी शोध रिपोर्ट के अनुसार, जून तिमाही में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का परिचालन लाभ यानी एबिटा उसके अनुमान से करीब 21 प्रतिशत अधिक रहा। इसमें कंपनी के ऊर्जा कारोबार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वहीं, पारेषण, वितरण और स्मार्ट मीटर जैसे मुख्य कारोबारों में भी एबिटा में सालाना आधार पर 36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
ब्रोकरेज ने ऊर्जा कारोबार को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2027 से वित्त वर्ष 2030 के लिए कंपनी के एबिटा अनुमान में 5 से 6 प्रतिशत की वृद्धि की है। जेफरीज ने कंपनी के शेयर पर 'खरीद' की सलाह बरकरार रखी है और इसे बिजली एवं उपयोगिता क्षेत्र में अपनी पसंदीदा कंपनियों में शामिल किया है।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के ऊर्जा समाधान मंच ने करीब 4 गीगावाट की सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण क्षमता के लिए समझौते किए हैं। इसमें मुख्य रूप से समूह की कंपनियों की क्षमता शामिल है। इस कारोबार ने जून तिमाही में करीब 590 करोड़ रुपये का एबिटा दर्ज किया, जबकि एक साल पहले की समान अवधि में यह करीब 17 करोड़ रुपये था।
जेफरीज के अनुसार, कंपनी का कारोबार मॉडल बिजली वितरण कंपनियों के साथ लंबी अवधि के बिजली खरीद समझौतों के करीब दरों पर बिजली क्षमता को जोड़ने और बिजली की बिक्री से मिलने वाले अतिरिक्त बाजार लाभ का फायदा उठाने पर आधारित है। यह मॉडल केवल निश्चित कमीशन या व्यापारिक मार्जिन पर निर्भर रहने वाले पारंपरिक मॉडल से अलग है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि अगले 2 से 4 वर्षों में ऊर्जा समाधान मंच के कारोबार में उल्लेखनीय विस्तार हो सकता है। कंपनी के पास 7.5 गीगावाट से अधिक अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की संभावनाएं भी मौजूद हैं। जून तिमाही में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने 3,325 मिलियन यूनिट बिजली की बिक्री की और प्रति यूनिट 1.7 रुपये का एबिटा अर्जित किया।
पारेषण कारोबार की परियोजना पाइपलाइन मजबूत
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के पारेषण कारोबार में भी मजबूत वृद्धि की संभावनाएं बनी हुई हैं। जेफरीज के अनुसार, कंपनी की पारेषण परियोजनाओं की बोली पाइपलाइन सालाना आधार पर 22 प्रतिशत बढ़कर 1.1 लाख करोड़ रुपये हो गई है। एक साल पहले यह पाइपलाइन 90,000 करोड़ रुपये थी। हालांकि, पिछली तिमाही में यह 1.5 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर थी।
वित्त वर्ष 2026 में अंतरराज्यीय प्रतिस्पर्धी बोली वाली पारेषण परियोजनाओं में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस की बाजार हिस्सेदारी 40 प्रतिशत रही, जो वित्त वर्ष 2025 में 25 प्रतिशत थी। कंपनी फिलहाल 71,800 करोड़ रुपये की पारेषण परियोजनाओं पर काम कर रही है, जो सालाना आधार पर 21 प्रतिशत अधिक है।
जेफरीज ने वित्त वर्ष 2027 के लिए कंपनी के पारेषण पूंजीकरण का अनुमान 15,000 करोड़ रुपये रखा है, जो कंपनी के प्रबंधन के अनुमान के अनुरूप है।
स्मार्ट मीटर कारोबार भी बनेगा वृद्धि का आधार
स्मार्ट मीटर कारोबार को भी अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस की भविष्य की वृद्धि के प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है। जेफरीज के अनुसार, अगले 2 से 3 वर्षों में करीब 10.3 करोड़ स्मार्ट मीटर के लिए बोली प्रक्रिया हो सकती है। इसमें तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में बड़े अवसर देखने को मिल सकते हैं।
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस फिलहाल 29,500 करोड़ रुपये की स्मार्ट मीटर परियोजनाओं पर काम कर रही है, जिनमें करीब 2.46 करोड़ मीटर शामिल हैं। इसके अलावा कंपनी इंटेलीस्मार्ट का अधिग्रहण भी कर रही है, जिसके पास करीब 2.23 करोड़ स्मार्ट मीटर का पोर्टफोलियो है।
जून तिमाही में कंपनी ने 21 लाख स्मार्ट मीटर जोड़े। यह आंकड़ा सालाना आधार पर 14 प्रतिशत कम रहा, लेकिन जेफरीज का मानना है कि इससे कंपनी के पूरे साल में 1 करोड़ स्मार्ट मीटर जोड़ने के लक्ष्य पर कोई बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है।
जून तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन अनुमान से बेहतर
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने जून तिमाही में 9,711 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की, जो सालाना आधार पर 42.4 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का एबिटा 65.2 प्रतिशत बढ़कर 2,988 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 1,809 करोड़ रुपये था।
कंपनी का समायोजित कर-पश्चात लाभ भी दोगुने से अधिक बढ़कर 1,149 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 513 करोड़ रुपये था। इस दौरान एबिटा मार्जिन बढ़कर 30.8 प्रतिशत हो गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 26.5 प्रतिशत था।
जेफरीज के मुताबिक, जून तिमाही में कंपनी का एबिटा उसके अनुमान से करीब 21 प्रतिशत अधिक रहा, जबकि समायोजित कर-पश्चात लाभ ब्रोकरेज के अनुमान से करीब 71 प्रतिशत ज्यादा रहा।
जेफरीज ने क्यों बढ़ाया लक्ष्य मूल्य?
जेफरीज का मानना है कि पारेषण परियोजनाओं के शुरू होने, स्मार्ट मीटर कारोबार के विस्तार और ऊर्जा समाधान मंच की बढ़ती गतिविधियों से अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस को मध्यम अवधि में फायदा मिल सकता है।
ब्रोकरेज ने कंपनी के व्यापारिक कारोबार को छोड़कर एबिटा पर 22 गुना उद्यम मूल्य-एबिटा अनुपात और व्यापारिक कारोबार पर 5 गुना उद्यम मूल्य-एबिटा अनुपात का मूल्यांकन गुणक लागू किया है। इसके आधार पर कंपनी का लक्ष्य मूल्य 1,905 रुपये से बढ़ाकर 2,060 रुपये कर दिया गया है।
जेफरीज ने सकारात्मक स्थिति में अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के लिए 2,400 रुपये तक का लक्ष्य मूल्य भी बताया है। इसके पीछे स्मार्ट मीटर और पारेषण परियोजनाओं में अतिरिक्त परियोजनाएं हासिल करने जैसे संभावित कारण बताए गए हैं। वहीं, बाजार हिस्सेदारी में कमी और परियोजनाओं के शुरू होने में देरी को प्रमुख जोखिम माना गया है।
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