नयी दिल्ली। पिछले साल अगस्त में सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी थीं। फिर रिकॉर्ड स्तरों से सोना 20 फीसदी तक सस्ता हो गया। मगर एक बार फिर से सोने के रेट धीरे-धीरे ऊपर की तरफ जा रहे हैं। हाल ही में सोना 41-42 हजार रु तक आ गया था। मगर अब ये एक बार फिर से 45000 रु के काफी करीब पहुंच गया है। आज 15 मार्च को सोना और थोड़ा महंगा हो गया। सोमवार को सोने की कीमतों में करीब 500 रु की बढ़ोतरी हुई। साथ ही चांदी भी महंगी हो गयी।
कितना महंगा हुआ सोना चांदी
आज सोने के रेट प्रति 10 ग्राम 495 रु ऊपर चढ़ गए। इससे सोना प्रति 10 ग्राम 44900 रु हो गया है। सर्राफा बाजार में सोने का रेट 44827 रु पर पहुंच गया है। चांदी 694 रु महंगी होकर 66535 रु प्रति किलो हो गयी है। 23 कैरेट वाले सोने का रेट प्रति 10 ग्राम 44648 रु पर है। 22 कैरट वाले सोने का रेट प्रति 10 ग्राम 41062 रु पर है। ध्यान रहे कि 22 कैरेट सोने से ज्वेलरी बनती है। जबकि 24 कैरेट वाले सोने से ज्वेलरी नहीं बनाई जा सकती।
कैसे जानें सोने की शुद्धता
आप बाजार से जो सोना खरीदते हैं, वह कितना खरा है यह उसके कैरेट से पता चलता है। आमतौर पर सोना 24 कैरेट का सबसे शुद्ध माना जाता है। लेकिन इस सोने से जेवर नहीं बनाए जा सकते हैं। इसलिए जेवर बनाने में ज्यादातर 22 कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है। आइये जानते हैं कि किस कैरेट का सोना कितना शुद्ध होता है।
जितना कैरेट उतनी शुद्धता
24 कैरेट का सोना 99.9 फीसदी शुद्ध होता है।
23 कैरेट का सोना 95.8 फीसदी शुद्ध होता है।
22 कैरेट का सोना 91.6 फीसदी शुद्ध होता है।
21 कैरेट का सोना 87.5 फीसदी शुद्ध होता है।
18 कैरेट का सोना 75 फीसदी शुद्ध होता है।
17 कैरेट का सोना 70.8 फीसदी शुद्ध होता है।
14 कैरेट का सोना 58.5 फीसदी शुद्ध होता है।
9 कैरेट का सोना 37.5 फीसदी शुद्ध होता है।
गोल्ड हॉलमार्क की जरूरत
जनवरी 2021 से देश में केवल हॉलमार्क वाले जेवर बिक पाएंगे। जेवर बनाने में 22 कैरेट गोल्ड का ही इस्तेमाल होता और यह सोना 91.6 फीसदी शुद्ध होता है। लेकिन असर इसमें मिलावट कर 89 या 90 फीसदी शुद्ध सोने को ही 22 कैरेट गोल्ड बताकर जेवर को बेच दिया जाता है। इसीलिए जब भी जेवर खरीदें तो उसकी हॉलमार्क के बारे में जानकारी जरूर ले लें। अगर गोल्ड की हॉलमार्क 375 है तो यह गोल्ड 37.5 फीसदी शुद्ध सोना है। वहीं अगर हॉलमार्क 585 है तो यह सोना 58.5 फीसदी शुद्ध है। 750 हॉलमार्क होने पर सोना 75.0 फीसदी खरा है। 916 हॉलमार्क होने पर सोना 91.6 फीसदी खरा है। 990 हॉलमार्क होने पर सोना 99.0 फीसदी खरा होता है। अगर हॉलमार्क 999 है तो सोना 99.9 फीसदी खरा है।
निवेश के लिए मौका
सोने में निवेश करने के लिए गोल्ड ईटीएफ एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है। गोल्ड ईटीएफ दरअसल म्यूचुअल फंड ही है। गोल्ड ईटीएफ भी सोने के रेट पर ऊपर-नीचे होते हैं। गोल्ड ईटीएफ निवेशकों को लंबी अवधि में जोरदार रिटर्न कमाने का मौका मिलता है। अच्छी बात ये है कि गोल्ड ईटीएफ इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में होते हैं। आपको इसमें सोने की शुद्धता को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं होती। फिजिकल गोल्ड के मुकाबले गोल्ड ईटीएफ को जल्दी और मौजूदा रेट पर बेचा जा सकता है।


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