Budget 2026: पिछले 5 साल में सरकार ने टैक्स को लेकर कौन-कौन से कदम उठाए और क्या-क्या हुए सुधार? जानें डिटेल
Budget 2026 Expectation: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करेंगी। रविवार को पेश होने वाले बजट को लेकर कई तरह के कयास और उम्मीदें लगाई जा रही हैं। ऐसे में समझना जरूरी है कि पिछले पांच साल में केंद्र सरकार ने टैक्स को लेकर बजट में कौन-कौन से कदम उठाए हैं और क्या-क्या सुधार हुए हैं।

दरअसल, पिछले 5 वर्षों (2021-2025) में भारत सरकार ने 'कर प्रणाली' को सरल बनाने, अनुपालन (Compliance) के बोझ को कम करने और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
पिछले 5 साल में टैक्स को लेकर हुए ये अहम सुधार
1. व्यक्तिगत आयकर (Personal Income Tax) में सुधार
- नई कर व्यवस्था (New Tax Regime): 2023 के बजट में इसे 'डिफ़ॉल्ट' (Default) विकल्प बनाया गया। 2025 के बजट में इसके तहत टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव किए गए, जिससे अब ₹12 लाख तक की आय प्रभावी रूप से कर-मुक्त हो गई है।
- मानक कटौती (Standard Deduction): वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए मानक कटौती को ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 कर दिया गया है, जिससे ₹12.75 लाख तक की आय वाले वेतनभोगियों को कोई कर नहीं देना पड़ता।
- सरचार्ज में कटौती: अति-समृद्ध (High Net Worth) व्यक्तियों के लिए उच्चतम सरचार्ज दर को 37% से घटाकर 25% किया गया।
- लीव एनकैशमेंट (Leave Encashment): गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली लीव एनकैशमेंट की टैक्स छूट सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹25 लाख की गई।
2. कॉर्पोरेट टैक्स और व्यापारिक सुधार
- रियायती दरें: घरेलू कंपनियों के लिए टैक्स की दर 22% और नई विनिर्माण (Manufacturing) इकाइयों के लिए 15% निर्धारित की गई है।
- स्टार्टअप प्रोत्साहन: स्टार्टअप्स को मिलने वाली टैक्स हॉलिडे की समय सीमा को समय-समय पर बढ़ाया गया ताकि उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके।
3. अप्रत्यक्ष कर (GST) और सीमा शुल्क
- GST युक्तिकरण (GST 2.0): साल 2025-26 के दौरान GST के ढांचे में सुधार किया गया, जिसमें कर स्लैब को तर्कसंगत बनाया गया और कई आवश्यक वस्तुओं पर दरें कम की गईं।
- सीमा शुल्क (Custom Duty) में बदलाव: घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल फोन, इलेक्ट्रिक वाहनों के पुर्जों और सोने-चांदी पर सीमा शुल्क में कटौती की गई।
4. तकनीकी और प्रशासनिक सुधार
- फेसलेस असेसमेंट (Faceless Assessment): आयकर विभाग और करदाताओं के बीच भौतिक इंटरफेस को खत्म करने के लिए 'फेसलेस' मूल्यांकन और अपील प्रणाली लागू की गई।
- नया आयकर अधिनियम 2025: सरकार ने 60 साल पुराने आयकर अधिनियम (1961) की समीक्षा कर 'आयकर अधिनियम 2025' का मसौदा तैयार किया है, जिसका लक्ष्य कानून की जटिल भाषा को सरल बनाना और विवादों को कम करना है।
- विवाद से विश्वास योजना: लंबित कर विवादों के त्वरित निपटान के लिए इस योजना का दूसरा संस्करण (Vivad se Vishwas 2.0) लॉन्च किया गया।
Budget 2026: टैक्स को लेकर क्या है उम्मीदें?
इन कदमों से कर आधार (Tax Base) बढ़ा है और कर चोरी को रोकने में मदद मिली है। आगामी बजट 2026 में निवेश को बढ़ावा देने के लिए लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स की दरों में संभावित बदलाव की उम्मीद की जा रही है।
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