Budget 2025: बजट 2025 में बेहतर ऑडिट और धोखाधड़ी का पता लगाने के लिए एआई को शामिल करने के लिए एक नया आयकर एप्लिकेशन पेश किए जाने की उम्मीद है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक, इस अपग्रेड का उद्देश्य सिस्टम की क्षमता को बढ़ाना है।

ITBA 2.0 से मिलेंगे फायदे
फाइनेंस बिल में ITBA 2.0 शामिल हो सकता है, जो इनकम टैक्स बिजनेस एप्लिकेशन (ITBA) का एक एडवान्स्ड वर्जन है, जिसे फेसलेस एसेसमेंट और अनुपालन प्रक्रियाओं (Compliance Procedures) को कारगर बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
वर्तमान में, ITBA प्लेटफ़ॉर्म आयकर अधिकारियों के लिए ऑडिट, जांच, दंड, अपील और अनुपालन का प्रबंधन करने के लिए जरूरी है। नया वर्जन करदाताओं के लिए रिटर्न, रिफंड और आकलन की वास्तविक समय ट्रैकिंग की अनुमति देगा। इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक को अपनाना है, जिससे एक स्केलेबल और भविष्य के लिए तैयार एप्लिकेशन बनाया जा सके।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल
सरकार फाइनेंस बिल में ITBA 2.0 को शामिल कर सकती है। यह इनकम टैक्स बिजनेस एप्लिकेशन (ITBA) का एडवान्स्ड वर्जन है। यह नोटिस के माध्यम से करदाताओं के साथ संचार को भी स्वचालित करेगा। इससे डेटा वेकिफिकेशन और सुरक्षा सुविधाओं को बढ़ाकर धोखाधड़ी गतिविधियों को कम करने की उम्मीद है।
ITBA 2.0 की एक और प्रमुख विशेषता स्केलेबिलिटी है। यह प्लेटफ़ॉर्म कम प्रतिक्रिया समय के साथ बड़े करदाता आधार को संभालेगा, जिससे उपयोगकर्ताओं के लिए अनुभव में सुधार होगा। वास्तविक समय के अपडेट से करदाता अपने रिटर्न और रिफंड को अधिक बेहतर तरीके से ट्रैक कर सकेंगे।
रिटर्न और रिफंड प्रोसेस होगा बेहतर
ये प्रोसेस रिटर्न और रिफंड की प्रक्रिया को तेज बनाने का वादा करती है। इस अपडेट का उद्देश्य करदाताओं और अधिकारियों के बीच बातचीत को सरल बनाना है, जिससे देरी और भ्रम कम हो। अधिकारी ने कहा, "आईटीबीए 2.0 के साथ, फेसलेस असेसमेंट अधिक कुशल हो जाएगा।"
ITBA का इस्तेमाल इनकम टैक्स अफसर्स कई ऑपरेशंस के लिए करते हैं। सरकार इनकम टैक्स से जुड़े कामकाज को आधुनिक बनाना चाहती है। इससे लिए उसका फोकस एआई सहित आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर है।


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