Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करने की तैयारी कर रही हैं, ऐसे में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि एनपीएस को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए इसमें बदलाव किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य इस योजना में निवेश को बढ़ावा देना है, ताकि इसके टैक्स बेनिफिट को बढ़ाया जा सके।

एनपीएस के लिए संभावित टैक्स बेनिफिट
वर्तमान में, एनपीएस आयकर व्यवस्था के अलग-अलग वर्गों के तहत कई टैक्स बेनिफिट प्रदान करता है। धारा 80CCD(1) के तहत, वेतनभोगी व्यक्ति अपने मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) का 10% तक NPS में निवेश करके कटौती का दावा कर सकते हैं, जिसमें अधिकतम ₹1.5 लाख की कटौती हो सकती है। इसके अलावा, धारा 80CCD(2) नियोक्ताओं को कर्मचारी के मूल वेतन और DA का 10% तक योगदान करने की अनुमति देता है।
न्यूज 18 कि रिपोर्ट के अनुसार, कर विशेषज्ञों का सुझाव है कि इन लाभों को बढ़ाने से अधिक निवेशक आकर्षित हो सकते हैं। वर्तमान में, धारा 80CCD(1B) के तहत ₹50,000 की अतिरिक्त कटौती उपलब्ध है, लेकिन केवल पुरानी कर व्यवस्था के तहत। इस लाभ को नई कर व्यवस्था में भी शामिल करने पर चर्चा चल रही है।
एंप्लॉयर के योगदान की सीमा बढ़ सकती है
पिछले साल के बजट में निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एंप्लॉयर के योगदान की सीमा 10% से बढ़ाकर 14% कर दी गई थी, लेकिन यह केवल नई कर व्यवस्था के तहत ही लागू थी। ऐसी अटकलें हैं कि इस साल के बजट में पुरानी कर व्यवस्था का पालन करने वालों के लिए भी इसी तरह के प्रावधान लागू किए जा सकते हैं।
सरकार पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए नियोक्ता अंशदान सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। यह परिवर्तन निजी क्षेत्र के अधिक कर्मचारियों को अधिक वित्तीय प्रोत्साहन देकर एनपीएस में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
बजट 2025 से उम्मीदें
लोगों को बजट 2025 से बहुत उम्मीदें हैं, खासकर एनपीएस जैसी सरकारी बचत योजनाओं को लेकर। रणनीतिक घोषणाओं और समायोजनों के ज़रिए, सरकार का लक्ष्य ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को एनपीएस को रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए एक बेहतर ऑप्शन के रूप में मानने के लिए प्रेरित करना है।


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