Budget 2025: वित्त वर्ष 2025-2026 के लिए निर्मला सीतारमण जल्द ही बजट पेश करेंगी। भारत में ऑटो सेक्टर केंद्रीय बजट 2025 का बेसब्री से इंतजार कर रहा है। भारत में कार खरीदारों की बढ़ती संख्या के साथ, सरकार का लक्ष्य देश को वैश्विक ऑटो विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके अलावा, ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने वाली पहलों की भी उम्मीद है।

हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जीएसटी में कटौती
ऑटो कंपनियां हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों के कॉम्पोनेंट पर जीएसटी को 28% से घटाकर 18% करने की वकालत कर रही हैं। यह बदलाव अधिक उपभोक्ताओं को इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर जाने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। कम जीएसटी दर इन वाहनों को अधिक किफायती बनाएगी, जिससे संभावित रूप से बिक्री बढ़ेगी और पर्यावरण को सुरक्षित करने के लिए भी समर्थन मिलेगा।
बजट 2025 से एक और महत्वपूर्ण उम्मीद वाहन स्क्रैपिंग से संबंधित है। इससे नई कारों की मांग बढ़ सकती है, जिससे निर्माताओं और उपभोक्ताओं दोनों को फायदा होगा।
पीएलआई योजना में बदलाव होने की उम्मीद
ऑटो सेक्टर भी उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तहत इलेक्ट्रिक वाहन कंपोनेंट और बैटरी मैन्युपैचरिंग को शामिल करना चाहता है। अगर बजट में इस पर विचार किया जाता है, तो यह कदम भारत को ईवी प्रोडक्शन में वैश्विक बदलाव करने में मदद कर सकता है। पीएलआई योजना के लाभ इस तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में स्थानीय विनिर्माण और नवाचार का समर्थन करेंगे।
इस वित्त वर्ष में यात्री और कॉमर्शियल वाहन दोनों ही क्षेत्रों में कम वृद्धि का सामना करना पड़ा है। इसलिए यह केंद्रीय बजट में होने वाली घोषणाओं पर उत्सुकता से नजर रख रहा है, जिसमें कल्याणकारी व्यय और सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि का संकेत मिलेगा।
पिछले बजट में पूंजीगत व्यय आवंटन 11.11 ट्रिलियन रुपये था, जो उद्योग के लिए बहुत उत्साहजनक था। सरकार इस बजट के माध्यम से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार भी कर सकती है। हाइड्रोजन फ्यूल और एडवांस मोबिलिटी में अनुसंधान के लिए प्रोत्साहन देश भर में मजबूत चार्जिंग स्ट्रचर के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए नीतियां भी ला सकता है।


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