Budget 2025 में एग्रीकल्चर से जुड़े हो सकते हैं बड़े ऐलान, किसानों को मिल सकती है खुशखबरी

Union Budget 2025 Agriculture Expectations: केंद्रीय बजट 2025 के करीब आने के साथ ही भारत में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। हालांकि, भारत की 45% से ज़्यादा आबादी कृषि क्षेत्र में कार्यरत है, लेकिन यह सकल घरेलू उत्पाद में सिर्फ़ 15% से ज़्यादा का योगदान देता है।

Union Budget 2025 Agriculture Expectations

1 फ़रवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस क्षेत्र के योगदान को बढ़ाने के उद्देश्य से उपायों की घोषणा करेंगी। किसान प्रतिनिधियों के साथ हाल ही में हुई चर्चाओं में बजट से उनकी मांगों और अपेक्षाओं पर रौशनी डाली गई है।

किसानों को आगामी बजट में महत्वपूर्ण बदलावों की उम्मीद है। वे ऋण पर कम ब्याज दर और पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त में वृद्धि चाहते हैं। इसके अलावा वे अपनी स्थिति में सुधार के लिए करों में कटौती और बाजार सुधार चाहते हैं। उम्मीद है कि सरकार केंद्रीय बजट में इन मांगों को पूरा करेगी।

किसानों से प्रमुख अपेक्षाएं

किसानों की केंद्रीय बजट के लिए खास मांगें हैं। वे चाहते हैं कि कृषि ऋण की ब्याज दरें कम से कम 1% तक कम की जाएं। वे यह भी चाहते हैं कि पीएम किसान सम्मान निधि को सालाना 6,000 रुपए से बढ़ाकर 12,000 रुपए किया जाए। इसके अलावा वे छोटे किसानों के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत शून्य प्रीमियम वाली फसल बीमा योजना चाहते हैं।

आर्थिक सर्वेक्षण 2023-24 से पता चलता है कि भारतीय कृषि स्थिर मूल्यों के आधार पर पिछले पांच वर्षों में औसतन 4.18% सालाना की दर से बढ़ी है। हालांकि यह एक आशाजनक भविष्य का संकेत देता है, लेकिन कई किसानों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिनका समाधान करने की आवश्यकता है। उदाहरण के लिए पंजाब और हरियाणा सीमा पर एकत्र हुए हजारों किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं।

क्षेत्र विकास के लिए प्रस्ताव

विशेषज्ञों ने कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय सुझाए हैं। इनमें कपास और तिलहन जैसी फसलों के लिए मौसम प्रतिरोधी बीज उपलब्ध कराना और किसानों को प्रभावित करने वाले बार-बार नीतिगत बदलावों से बचना शामिल है। जैव ईंधन और इथेनॉल को बढ़ावा देने से भी किसानों को मदद मिल सकती है, साथ ही अनुसंधान और विकास (आरएंडडी) के लिए धन में वृद्धि हो सकती है।

पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने सरकार से कीटनाशकों पर जीएसटी को 18% से घटाकर 5% करने का आग्रह किया है। इसके अलावा, बीज, कृषि मशीनरी और उर्वरकों पर जीएसटी माफ करने से किसानों को काफी फायदा हो सकता है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करने की तैयारी कर रही हैं, ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वह इन मुद्दों को कैसे संबोधित करेंगी। एनडीए के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट किसानों की उम्मीदों को पूरा करने और उनकी आजीविका में सुधार लाने का वादा करता है।

किसान हमेशा ऐसे बजट की उम्मीद करता है ताकि उसकी फसल और खेती अच्छे से हो सके। आने वाले बजट में किसानों को क्या-क्या मिलने वाला है क्योंकि उन्हे इस बजट से बेहद ही उम्मीदें लगी हुई हैं।

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