Budget 2024 and tax on Gold: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को 2024-25 के लिए अंतरिम बजट करेंगी। आम बजट से पहले जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने सरकार से गोल्ड और सिल्वर पर इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने की सिफारिश की थी, लेकिन सरकारी इस प्रस्ताव मानेगी, इसकी उम्मीद कम नजर आ रही है।
2023-24 के बजट में चांदी पर आयात शुल्क बढ़ाया गया था, जबकि, चांदी पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दी गई थी। साथ ही एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट सेस 2.5 फीसदी से बढ़ाकर 5 फीसदी कर दिया गया था।

सरकार को गोल्ड पर टैक्स से होती है तगड़ी आमदनी
एक अधिकारी के अनुसार गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी यानी सीमा शुल्क कम किया जाता है, तो स्मगलिंग तो कम हो जाएगी। लेकिन इससे सरकार का रेवेन्यू भी कम हो जाएगा। जुलाई 2022 में केंद्र सरकार ने गोल्ड की कस्टम ड्यूटी में बढ़ोतरी की थी। गोल्ड पर बेसिक कस्टम ड्यूटी प्लस एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट सेस मिलाकर वर्तमान में 15 फीसदी है। सरकार ने गोल्ड के आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को पहले के 12.5 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया है। लेकिन, कृषि उपकर 2.5 फीसदी से बढ़ाकर पांच फीसदी कर दिया गया, जिसके चलते गोल्ड के आयात पर टोटल कस्टम ड्यूटी में कोई अंतर नहीं आया है।
जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने हाल ही में लगभग 982.16 करोड़ रुपए के ड्यूटी ब्लॉकेज को दूर करने के लिए गोल्ड बार (7108) पर आयात शुल्क को 15 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी करने की मांग की थी, जिससे इस इंडस्ट्री के लिए ज्यादा वर्किंग कैपिटल जुटाने में मदद मिल सके। जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने सिल्वर बार (7106) पर भी आयात शुल्क 10 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी करने की सिफारिश की है।
दिसंबर 2023 में बढ़ा सोने का आयात
दिसंबर 2023 में, भारत का सोने का आयात सालाना आधार पर 156.5 फीसदी बढ़कर 3.03 अरब डॉलर हो गया। इससे 2023-24 के पहले नौ महीनों में कुल आयात 35.95 अरब डॉलर हो गया। यह आयात 2022-23 की समान अवधि की तुलना में 26.6 फीसदी ज्यादा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी लगातार छठवां बजट
वित्तीय वर्ष 2024-25 का बजट 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। वित्त मंत्री के लिए बजट पेश करने का यह लगातार छठा वर्ष होगा। वित्त मंत्री सीतारमण ने 2019 में अपना पहला बजट पेश किया था। पिछले साल वह लगातार पांच केंद्रीय बजट पेश करने वाली छठी वित्त मंत्री बनीं थीं। इससे पहले अरुण जेटली, पी. चिदम्बरम, यशवन्त सिन्हा, मनमोहन सिंह और मोरारजी देसाई ऐसे वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने लगातार पांच या अधिक बजट पेश किये हैं।
2014 में मोदी सरकार में वित्त मंत्रालय की कमान संभालने के बाद जेटली ने 2014-15 से 2018-19 तक लगातार पांच बजट पेश किए थे। जेटली के खराब स्वास्थ्य के कारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे पीयूष गोयल ने 2019-20 के लिए अंतरिम बजट पेश किया था।
बजट पेश करने वाली दूसरी महिला वित्त मंत्री सीतारमण
सीतारमण को 2019 के आम चुनावों के बाद मोदी सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था। वह इंदिरा गांधी के बाद बजट पेश करने वाली दूसरी महिला बनीं, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 1970-71 के लिए बजट पेश किया था।
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