Budget 2024 in 5 points: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले गुरुवार को अपना अंतरिम बजट पेश किया। इसमें बुनियादी ढांचे के खर्च में डबल डिजिट बढ़त की घोषणा की गई। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक ऐसी योजना का भी प्रस्ताव रखा, जो लोगों को अपना घर खरीदने या बनाने में मदद देगा। इसके अलावा 1 करोड़ घरों में सौलर ऊर्जा से मुफ्त बिजली की योजना का भी प्रस्ताव इस बजट में है। लेकिन अगर यह समझना हो कि यह बजट क्या है तो केवल 5 प्वाइंट में समझा जा सकता है।
वैसे ज्यादातर लोगों को आयकर में छूट का इंतजार रहता है, लेकिन उसको लेकर भी इसमें कुछ नहीं था। वहीं दूध और डेयरी उत्पादन बढ़ाने की योजना जरूर इसमें थी। सीतारमण ने कहा कि भारत दुनिया में सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है, लेकिन उत्पादकता कम है।

बजट में स्टार्टअप्स और सॉवरेन पेंशन फंड द्वारा किए गए निवेशों को कुछ कर लाभ देने की घोषणा की गई है। कुछ आईएफएससी इकाइयों की कुछ आय पर कर छूट 31 मार्च 2024 के बाद भी मिलती रहेगी।
जानिए आज के बजट की 5 मुख्य बातें
- वित्त वर्ष 24 में में जीडीपी के मुकाबले राजकोषीय घाटा 5.8 फीसदी और अगले साल अनुमानित घाटा 5.1 फीसदी रखने ककी घोषणा। यानी सरकार सर्च को नियंत्रित रखेगी।
- कोई टैक्स छूट या लोक लुभावन योजनाएं नहीं। हालांकि पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अगले पांच वर्षों में ग्रामीण गरीबों के लिए 2 करोड़ और घर बनाने की घोषणा की। सीतारमण ने कहा कि सरकार 3 करोड़ किफायती घरों का लक्ष्य हासिल करने के करीब है।
- 2024-25 के लिए देश का पूंजीगत व्यय 11 प्रतिशत बढ़ाकर 11.11 लाख करोड़ रुपये या कहें कि जीडीपी का 3.4 प्रतिशत तय किया गया।
- प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष कर दरों में कोई बदलाव नहीं। टैक्स ढांचे में कोई बदलाव नहीं।
- सरकार 50 वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का कोष स्थापित करेगी। इससे दीर्घकालिक वित्तपोषण किया जाएगा।
जानिए मंत्रालयों के हिसाब से पैसों का आवंटन
- रक्षा मंत्रालय: 6.1 लाख करोड़ रुपये
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय: 2.78 लाख करोड़ रुपये
- रेल मंत्रालय: 2.55 लाख करोड़ रुपये
- उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय: 2.13 लाख करोड़ रुपये
- गृह मंत्रालय: 2.03 लाख करोड़ रुपये
- ग्रामीण विकास मंत्रालय: 1.77 लाख करोड़ रुपये
- रसायन और उर्वरक मंत्रालय: 1.68 लाख करोड़ रुपये
- संचार मंत्रालय: 1.37 लाख करोड़ रुपये
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय: 1.27 लाख करोड़ रुपये
रेलवे पर विशेष जोर
अंतरिम बजट ऊर्जा, खनिज और सीमेंट के लिए एक कॉरिडोर, बंदरगाह कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एक कॉरिडोर और उच्च यातायात घनत्व को कम करने के लिए एक तीसरा कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव किया गया है। यह रेलवे के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है।
वित्त मंत्री ने बताया कि मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को सक्षम करने के लिए इन परियोजनाओं की पहचान पीएम गति शक्ति के तहत की गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि वे लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार करेंगे और लागत कम करेंगे।
उच्च यातायात गलियारों के परिणामस्वरूप भीड़-भाड़ कम होने से यात्री ट्रेनों के संचालन में सुधार करने में भी मदद मिलेगी, जिसके परिणामस्वरूप यात्रियों के लिए सुरक्षा और उच्च यात्रा गति होगी। सीतारमण ने कहा, "समर्पित माल ढुलाई गलियारों के साथ, ये तीन आर्थिक गलियारा कार्यक्रम हमारी जीडीपी वृद्धि को गति देंगे और लॉजिस्टिक लागत को कम करेंगे।


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