Budget 2024: Home Loan के ब्याज पर मिल सकती है 5 लाख रु तक टैक्स छूट, जानें इंडस्ट्री की डिमांड

Home Loan Interest Rate: इस बार मोदी सरकार बजट 2024 की जगह अंतरिम बजट लाएगी। ऐसा इसलिए कि चालू साल में मई के पहले नई लोकसभा का गठन होना है। ऐसे में सरकार बनने के बाद नई सरकार फाइनल बजट पेश करेगी। लेकिन ऐसा नहीं है कि अंतरिम बजट में सरकार बड़े प्रस्ताव नहीं ला सकती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इंडस्ट्री ने होम लोन और उसके ब्याज पर मिलने वाली टैक्स छूट को लेकर बड़ी डिमांड रखी है।

चुनाव के पहले का बजट होने के चलते इंडस्ट्री सहित लोगों ने उम्मीद भी लगा रखी है कि मोदी सरकार इस बार जरूर कुछ अलग से देगी। यही वजह है कि रियल एस्टेट सेक्टर ने सरकार के सामने बड़ी मांग रख दी है। उम्मीद की जा रही है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस मांग पर जरूर विचार करेंगी।

Home Loan Interest Rate

कन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) की मांग है कि होम लोन में टैक्स छूट के दायरे को बढ़ाया जाए। होम लोन के ब्याज रीपेमेंट में अभी छूट की लिमिट को 2 लाख है। संगठन ने इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की मांग की है। क्रेडाई का मानना है कि ब्याज दरें काफी ऊंची हैं। साल 2024 की दूसरी तिमाही तक रेपो रेट में भी कटौती के आसान नहीं हैं। इसका सीधा असर होम लोन की किस्त पर हुआ है। घर खरीदारों को हर महीने ज्यादा किस्त चुकानी पड़ रही है। ऐसे में उन्हें टैक्स छूट देकर फायदा दिया जा सकता है।

होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट के भुगतान पर इनकम टैक्स में 1.5 लाख रुपये तक की कटौती मिल सकती है। इसमें स्टैम्प-ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन इन पर कटौती साल में एक बार ही ली जा सकती है, जिस साल इनका भुगतान किया गया है। होम लोन नया घर खरीदने या घर बनाने के लिए ही लिया गया हो।

इनकम टैक्स धारा 24(b) में होम लोन ब्याज भुगतान पर टैक्स में छूट
होम लोन के ब्याज का भुगतान करने पर टैक्स में 2 लाख रुपये तक की टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं। जिस घर के लिए लोन लिया गया है, चाहे आप उसमें रह रहे हों या वो खाली हो। हालांकि, अगर आपने उस घर को किराय पर दिया हुआ है, तो टैक्स कटौती का लाभ नहीं मिलेगा।

छूट बढ़ने से रियल एस्टेट में बढ़ेगी डिमांड

होम लोन पर टैक्स छूट देने से मध्यम आय वर्ग के घर मालिकों के पास खर्च करने के लिए अतिरिक्त इनकम होगी और अन्य लोग भी घर खरीदने के लिए प्रेरित होंगे। क्रेडाई के अध्यक्ष मनोज गौड़ का मानना है कि इस सेक्टर में तेजी के लिए जरूरी है कि डिमांड आए, और डिमांड तभी बढ़ेगी जब टैक्सपेयर्स को टैक्स छूट में कुछ फायदा दिया जाए। रेपो रेट में आई तेजी से होम लोन की ब्याज दरों में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। अगर ये स्थिर रहती हैं तो भी हाउसिंग डिमांड में तेजी नहीं आएगी। इसलिए सरकार को टैक्सपेयर्स को ही छूट देनी होगी, तभी सेक्टर में तेजी लौट सकती है।

जानिए कैसे मिलती है होम लोन और उसके ब्याज पर टैक्स छूट

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24 के तहत होम लोन के भुगतान पर टैक्स में राहत मिलती है। किस्त में दो हिस्सा होता है। एक हिस्सा ब्याज का और दूसरा मूलधन का होता है। इंटरेस्ट वाले हिस्से पर एक वित्त वर्ष में सेक्शन 24(b) के तहत 2 लाख रुपये की टैक्स छूट मिलती है। मूलधन यानि प्रिंसिपल वाले हिस्से पर सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन का फायदा मिलता है, जिसकी लिमिट 1.5 लाख रुपए है।

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