Budget 2024 Defence Highlights: आज पेश हुए अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने सबसे ज्यादा आवंटन रक्षा मंत्रालय को ही किया है। हालांकि अभी यह डिटेल नहीं दिया गया है कि इस आवंटित रकम में किस काम में कितना पैसा खर्च किया जाएगा। यही कारण है कि आज बजट के बाद रक्षा क्षेत्र से जुड़े कंपनियों के शेयर में मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। अंतरिम बजट दस्तावेजों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय को सबसे अधिक आवंटन दिया गया है। यह आवंटन करीब 6.1 लाख करोड़ रुपये का है।
जानिए मंत्रालयों के हिसाब से पैसों का आवंटन
- रक्षा मंत्रालय: 6.1 लाख करोड़ रुपये
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय: 2.78 लाख करोड़ रुपये
- रेल मंत्रालय: 2.55 लाख करोड़ रुपये
- उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय: 2.13 लाख करोड़ रुपये
- गृह मंत्रालय: 2.03 लाख करोड़ रुपये
- ग्रामीण विकास मंत्रालय: 1.77 लाख करोड़ रुपये
- रसायन और उर्वरक मंत्रालय: 1.68 लाख करोड़ रुपये
- संचार मंत्रालय: 1.37 लाख करोड़ रुपये
- कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय: 1.27 लाख करोड़ रुपये

आज जैसे ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024-25 का अंतरिम बजट पेश किया, जो पाया गया कि रक्षा क्षेत्र के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं है। इसके चलते डिफेंस सेक्टर के शेयरों में मिली-जुली प्रतिक्रिया रही।
एचएएल और बीईएल जैसे प्रमुख रक्षा कंपनियों के शेयरों में 0.48 प्रतिशत और 2.04 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि भारत डायनेमिक्स में 0.82 प्रतिशत की गिरावट आई।
बजट से पहले अधिकांश विशेषज्ञों को उम्मीद थी कि सरकार के आत्मनिर्भरता पर जोर देने और लंबी अवधि में भारत को निर्यात केंद्र बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए बजटीय आवंटन बढ़ाएगी। वहीं उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी खरीद का हिस्सा घट रहा है, जबकि घरेलू रक्षा उपकरणों की खरीद बढ़ रही है।
बजट पेश करने वाली दूसरी महिला वित्त मंत्री सीतारमण
सीतारमण को 2019 के आम चुनावों के बाद मोदी सरकार में केंद्रीय वित्त मंत्री नियुक्त किया गया था। वह इंदिरा गांधी के बाद बजट पेश करने वाली दूसरी महिला बनीं, जिन्होंने वित्तीय वर्ष 1970-71 के लिए बजट पेश किया था।
ब्रीफकेस के स्थान पर बही-खाता
पारंपरिक बजट ब्रीफकेस के स्थान पर सीतारमण ने भाषण और अन्य दस्तावेजों को रखने के लिए राष्ट्रीय प्रतीक के साथ एक बही-खाता चुना। ब्रीफकेस में बजट कागजात ले जाने की परंपरा अंग्रेजों से अपनाई गई परंपरा थी। भारत का बजट ब्रीफकेस ग्लैडस्टोन बॉक्स की एक प्रति थी, जिसका उपयोग ब्रिटिश बजट में किया जाता है। यह बही-खाता लाल रंग के कपड़े से तैयार किया गया है।
2019 के अंतरिम बजट में आई थी पीएम किसान योजना
वित्त वर्ष 2019-20 में मोदी सरकार ने अपने अंतरिम बजट में किसानों को तोहफा देते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना का ऐलान किया गया था। इसके तहत 2 हेक्टेयर तक एग्रीकल्चर लैंड वाले किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये तीन समान किस्तों में दिया जाता है। इस स्कीम का फायदा करीब 12 करोड़ किसानों को मिल रहा है। वहीं इस 2019 के अंतरिम बजट में मोदी सरकार ने नौकरीपेशा करदाताओं के लिए मानक कटौती को 10,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया था।
बजट पेश करने की तारीख भी भाजपा सरकार ने बदली
वर्ष 2017 में मोदी सरकार ने फरवरी के आखिरी कार्य दिवस की जगह 1 तारीख को बजट पेश करने का निर्णय किया था। इसके साथ ही 28 फरवरी को बजट पेश करने की औपनिवेशिक युग की परंपरा खत्म कर दी गयी थी।


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