
Budget 2023: 1 फरवरी 2023 को वित्त मंत्री केंद्रीय बजट को पेश करने वाली है। देश में लगभग सभी लोगों को बजट कई सारी उम्मीदें है। क्योंकि यह बजट मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है। क्योंकि आने वाले साल यानी वर्ष 2024 चुनाव का वर्ष है, ऐसे में सरकार देश के लगभग सभी वर्गो को लुभाने का प्रयास कर सकती है। देश में लाखों की संख्या में जो सरकारी कर्मचारी है। सरकार इन केंद्रीय कर्मचारियों भी एक बड़ा तोहफा दे सकती है। इसके साथ ही सरकार कर्मचारियों को एक झटका दे सकती है, तो चलिए जानते हैं इसके बारे में।
सैलरी रिविजन का ऐलान हो सकता है
बता दें जो केंद्रीय कर्मचारी है। वे काफी अधिक समय में ही अपने वेतन के रिवीजन को लेकर मांग कर रहे हैं। सरकार से उनकी इस मामले में कई सार चर्चा भी हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्र सरकार केंद्रीय कर्मचारियों की वेतन रिविजन अगले वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर के माध्यम से जारी कर सकती हैं। वर्ष 2016 में तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली की तरफ से कहा गया था। कि सरकार हर 10 वर्ष के अपेक्षा सरकार हर साल वेतन की बढ़ोतरी में विचार कर रही है। ऐसे में इस नियम के लागू होने से जो छोटे कर्मचारी है। जो उच्च पद पर बैठे कर्मचारियों के बराबर वेतन की सुविधा मिलेगी।
8वें वेतन आयोग के गठन में सरकार 1 साल का वक्त और ले सकती है
फिलहाल 8वें वेतन आयोग के गठन में सरकार 1 साल का वक्त और ले सकती है। इसके लिए सरकार अपना फार्मूला बजट 2023 में पेश कर सकती है। ऐसे में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण साल दर साल सैलरी रिविजन के फॉर्मूले को इस साल के बजट भाषण में शामिल कर सकती हैं। सरकार अगर ऐसा करती है, तो फिर केंद्रीय कर्मचारियों में छोटे पदों पर काम कर रहे है। उनको भी बेहद बड़ा लाभ मिलेगा।
एचबीए को लेकर भी बड़ा ऐलान हो सकता है
सरकार केंद्रीय कर्मचारी को एक बड़ा तोहफा तो दे ही सकती है। इसके साथ ही सरकार केंद्रीय कर्मचारियों को एक झटका भी दे सकती है। घर की मरम्मत करने के लिए सरकार कर्मचारियों को हाउस बिल्डिंग अलाउंस देती है। कर्मचारियों को यह पैसा सरकार एडवांस के तौर पर देती है। जिस पर ब्याज दर वसूला जाता है। पहले इसकी जो ब्याज दर थी वो 7.1 प्रतिशत लिया जाता था। लेकिन अब इसको बढ़ाकर 7.5 प्रतिशत किया जा सकता है। इसके साथ ही सरकार एडवांस राशि को बढ़ा सकती है और इस राशि को 25 लाख रु से बढ़ाकर 30 लाख रु कर सकती है। ऐसे में सरकार की तरफ से अगर एचबीए में बदलाव किया जाता है, तो फिर कर्मचारियों को ब्याज दर अधिक से अधिक देना होगा।


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