Budget 2023 : वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए सरकार सोमवार से आम बजट बनाने की कवायद शुरू करने जा रही हैं। ऐसा माना जा रहा हैं। सरकार का अगले वित्तीय वर्ष का जो वार्षिक बजट हैं वो सुस्त वैश्विक परिदृश्य के बीच वृद्धि को प्रोत्साहन देने के उपायों पर केंद्रित होगा। बजट बनाने की प्रक्रिया शुरुआत जो हैं। विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के साथ चालू वित्त वर्ष 2022-23 के व्यय के संशोधित अनुमानों (आरई) और 2023-24 के लिए कोष की आवश्यकता पर विचार-विमर्श के साथ शुरू होगी।
बैठकें पहले दिन
पहले दिन सोमवार को वन और जलवायु और परिवर्तन मंत्रालय, सूचना और प्रसारण मंत्रालय, श्रम और रोजगार मंत्रालय, पर्यावरण और सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय और युवा मामले और खेल मंत्रालय के साथ संशोधित अनुमानों पर होंगी बैठकें।
1 महीने तक चलेगा विचार विमर्श
चालू वित्तीय वर्ष के लिए संशोधित अनुमानों और वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट के अनुमानों में अधिकतर जो बैठके हैं। उसकी अध्यक्षता वित्त सचिव करेगें और व्यय सचिव करेंगे। वित्त मंत्रालय के बजट प्रभाग के मुताबिक, 1 महीने तक ये विचार विमर्श चलेगा। इसमें 10 नवंबर को कृषि और किसान कल्याण विभाग, सहकारिता मंत्रालय, कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग, रेल मंत्रालय और पेट्रोलियम, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के साथ बैठकों के साथ पूरा होगा।
अनुमान घटा कर 7 से 6.5 प्रतिशत कर दिया
बजट-पूर्व बैठकों के बाद वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट अनुमानों को अस्थायी तौर पर अंतिम रूप दे दिया जाएगा ये जो बैठके हैं। ये उस वक्त होने जा रही हैं जब बहुत सारी संस्थाएं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) और विश्व बैंक ने देश में वृद्धि दर के अनुमान को घटाकर क्रमशः 7 फीसदी और 6.5 फीसदी कर दिया हैं।
2023-24 का बजट हैं एक फरवरी, 2023 को पेश किए जाने संभावना हैं
ये कल पांचवा बजट होगा। नरेंद्र मोदी 2.0 सरकार और वित्त मंत्री का। अप्रैल-मई 2024 में होने वाले जो आम चुनाव हैं। उसका ये आखिरी पूर्ण बजट होगा। चुनावी जो वर्ष होता है उसमें सरकार लिमिटेड समय के लिए लेखानुदान पेश करती है। उसके बाद जो बजट पेश किया जाता हैं वो जुलाई में पेश किया जाता हैं। वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट हैं। एक फरवरी, 2023 को पेश किए जाने संभावना हैं।


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