
Union Budget 2023 : सरकार इस बजट में भी इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) पर फोकस जारी रख सकती है। सरकार आगामी बजट में खासकर रोड के लिए आवंटन में बढ़ोत्तरी कर सकती है। वित्त मंत्री 1 फरवरी 2023 को बजट पेश करेंगी। बजट से पहले अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्त मंत्री अगले बजट में सड़क सेक्टर के लिए आवंटन 30 प्रतिशत तक बढ़ा सकती हैं। पिछले कुछ महीनों से सड़कों के निर्माण के तेजी में कमी आई है। सरकार सड़कों के विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए बजट में प्रावधान कर सकती है। सरकार रोज के लिए कम से कम 50 किलोमीटर सड़क निर्माण का लक्ष्य तय करेगी। वर्तमान वित्त वर्ष के अप्रैल-सितंबर में हाईवे कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी कम होकर 19.44 किलोमीटर प्रतिदिन पर आ गई है। वित्त वर्ष 2021-22 में सड़क निर्माण की दर 28.64 किलोमीटर प्रतिदिन थी।
इंफ्रास्ट्रक्चर से होगा इकोनॉमी को फायदा
जानकारों का मानना है कि मिनिस्ट्री ऑफ रोड एंड हाईवे (MoRTH) के लिए आगामी बजट में 2.5 लाख करोड़ रुपये का आवंटन हो सकता है। बजट के इतिहास में अब तक कभी रोड मिनिस्ट्री को इतना बजट आवंटन नहीं हुआ है। सरकार फंड के ज्यादातर हिस्से का इस्तेमाल हाईवे बनाने में करेगी। दरअसल, भाजपा सरकार का पहले से मानना है कि इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर खासकर सड़क निर्माण पर जोर देना बहुत जरूरी है। इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश से रोजगार के ज्यादे मौके बनेंगे। इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश से अन्य सेक्टरों में डिमांड बनी रहती है।

सात साल 50 प्रतिशत बढ़े हैं नेशनल हाईवे
पिछली बजट में भी MoRTH के बजट आवंटन का एक बड़ा हिस्सा नेशनल हाईवे अथारिटी के पास गया था। पिछली बार मिनिस्ट्री को 1.34 लाख करोड़ रुपये मिले थे। NHI को पूंजी की जरूरत बहुत है। देश में तमाम सड़को और हाईवेज पर काम चल रहा है। निर्माणाधिन सड़को में भारतमाला परियोजना भी शामिल है। यह परियोजना भारत सरकार की एक अम्ब्रेला हाईवे स्कीम है।
भारतमाला प्रोजेक्ट पर है ध्यान
भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत भारत सरकार देश में 83,677 किमी हाईवे बनाने का प्रोजेक्ट लेकर चली है। इस परियोजना पर सरकार के 10.63 लाख करोड़ रुपये खर्च होने हैं। भारतमाला परियोजना के पहले चरण में 40,000 किलोमीटर हाईवे बनाने का लक्ष्य है। पिछले कुछ सालों में सरकार के प्रयासो के बाद हाईवे निर्माण में तेजी आई है।


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