
Budget 2023 : रत्न और आभूषण के उद्योग को वाणिज्य मंत्रालय बढ़ावा देना चाहता है। इसलिए आने वाले बजट में वाणिज्य मंत्रालय ने सोने के आयत शुल्क घटाने का प्रस्ताव रखा हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी सामने आई है। इस वर्ष जुलाई के महीने में केंद्र सरकार की तरफ से सोने के आयत शुल्क में बढ़ोतरी की गई थी और सरकार की तरफ से इसके आयत शुल्क को 10.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया था। चालू खाते के घाटे को कम करने और सोने के बढ़ते आयत पर काबू आने के उद्देश्य से सरकार की तरफ से इस कदम को उठाया गया था। सोने पर कुल प्रभावी सीमा शुल्क 15 प्रतिशत लगता है। जिसमें बुनियादी सीमा शुल्क 12.5 प्रतिशत और कृषि अवसंरचना शुल्क 2.5 प्रतिशत लगता है।
क्यों रखी मांग वाणिज्य मंत्रालय ने
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रत्न और आभूषण उद्योग को देखते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने वित्तीय मंत्रालय से आने वाले बजट में इस प्रस्ताव को रखने की मांग की है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रत्न और आभूषण के निर्यात और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कुछ अन्य उत्पाद है। उन पर भी आयत शुल्क का बदलाव की मांग को रखा हैं। काफी अधिक समय से रत्न और आभूषण के निर्यात से जुड़े हुए जो हितग्राही है। वे आयत शुल्क में कटौती करने की मांग कर रहे है।
आभूषणों के लिए एक प्रगतिशील मरम्मत नीति से इस क्षेत्र को सहायता मिलेगी
जीजेईपीसी के पूर्व अध्यक्ष कॉलिन शाह की तरफ कहा गया है। कि इस उद्योग निर्यात को बढ़ावा देने के लिए और इस सेक्टर में रोजगार को सृजित करने के लिए आने वाला जो बजट है। इस पर अपनी पूरी उम्मीद लगा रहा है। सोने पर सीमा शुल्क में कटौती और आभूषणों के लिए एक प्रगतिशील मरम्मत नीति से इस क्षेत्र को सहायता मिलेगी।
देश वार्षिक 800 टन से 900 टन सोने का आयात करता है
रत्न और आभूषण निर्यात चालू वित्त वर्ष में अप्रैल 2022 से नवंबर 2022 में 2 प्रतिशत बढ़ा है और यह बढ़कर 26.45 अरब डॉलर हो गया। वहीं, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल 2022 से नवंबर 2022 के दौरान सोने का आयात 18.13 प्रतिशत घटा है और यह घटकर 27.21 अरब डॉलर रह गया। सोने के आयात का चालू खाता घटा (सीएडी) पर असर पड़ता है। देश वार्षिक 800 टन से 900 टन सोने का आयात करता है।


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