Budget 2023 : हॉस्पिटैलिटी और ट्रेवल इंडस्ट्रीज की उम्मीदें हैं बहुत अधिक, चाहिए GST में कटौती
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Budget 2023 : कोविड-19 महामारी के चलते पिछले दो सालों में हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री काफी उथल-पुथल से गुजरी है। हालाँकि, ट्रेवल और बुकिंग फिर से शुरू होने के साथ ही यह धीरे-धीरे वापस पटरी पर लौटने में कामयाब हो गया है। सामान्य स्थिति के वापस आने और स्थिरता बरकरार रखने के लिए, हॉस्पिटैलिटी और ट्रेवल इंडस्ट्री सरकार से निरंतर सपोर्ट की उम्मीद कर रहे हैं। आगे जानिए आगामी बजट से इन इंडस्ट्रीज की क्या उम्मीदे हैं।

होटल कमरों पर जीएसटी

होटल कमरों पर जीएसटी

हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री होटल के कमरों पर लगाए गए ऊंचे जीएसटी से खुश नहीं है क्योंकि इसे वैसे भी कोरोना के दौरान बहुत कम सरकारी सपोर्ट मिला है। इसी पर जानकार कहते हैं कि भारत का हॉस्पिटैलिटी सेक्टर सबसे अधिक रोजगार पैदा करने वाले सेक्टरों में से एक है और ये सेक्टर अभी भी, एक गंभीर इनडायरेक्ट टैक्स सिस्टम का सामना कर रहा है। ये इंडस्ट्री अधिक मांग जनरेट कर सकताी है, अधिक रोजगार प्रदान कर सकता है और अधिक रेवेन्यू प्राप्त कर सकता है यदि हर कमरे की कैटेगरी में केवल 12 प्रतिशत समान जीएसटी लगाया जाए। इंडस्ट्री से जुड़े एक व्यक्ति के मुताबिक यह एक शानदार शुरुआत होगी लेकिन जीएसटी को वैश्विक रुझानों के अनुरूप 10 प्रतिशत से नीचे लाया जाना चाहिए।

इंटरनेशनल पर्यटकों के लिए मुफ्त ई-वीजा
माना जा रहा है कि ये साल भारत के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए काफी अहम है क्योंकि महामारी से प्रेरित मंदी के बाद अब फिर से मजबूत वृद्धि दिखने की उम्मीद है। जानकार उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार पांच लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए मुफ्त ई-वीजा योजना की घोषणा करेगी, जैसा कि पहले भी किया गया है। आयुर्वेद और योग की भूमि होने के नाते भारत को वेलनेस टूरिज्म के लिए एक बेहतर स्ट्रेटेजी की जरूरत है। सरकार केंद्रीय बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कुछ मार्केटिंग प्लान्स की घोषणा कर सकती है ताकि इस क्षेत्र को फलने-फूलने और रोजगार के अवसर पैदा करने में मदद मिले।

होटल प्रोजेक्ट्स के लिए सेंट्रल सिंगल-विंडो क्लीयरेंस

होटल प्रोजेक्ट्स के लिए सेंट्रल सिंगल-विंडो क्लीयरेंस

जानकारों की बजट 2023 से प्रमुख उम्मीदों में से एक है होटल सेक्टर की परियोजनाओं के लिए सेंट्रल सिंगल-विंडो क्लीयरेंस। इसके अलावा फास्ट-ट्रैक निवेश के लिए ई-अप्रूवल के आधार पर सबसे कॉमन अप्रूवल, लाइसेंस और परमिट के लिए एक सेंट्रलाइज्ड अप्रूवल सिस्टम स्थापित करने के लिए आवश्यक लाइसेंस की कुल संख्या को कम करने की भी सिफारिश की गई है।

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लॉन्ग टर्म लोन

लॉन्ग टर्म लोन

जानकार मानते हैं कि इंफ्रास्ट्रक्चर खासकर रोड कनेक्टिविटी के मामले में सरकार ने जो काम किया है वह काफी अच्छा है। यह वीकेंड ट्रेवल और घरेलू पर्यटन को और बढ़ावा देने में मदद करेगा। पर अब सेक्टर के लिए लोन टर्म लोन की घोषणा की उम्मीद की जा रही है।

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