
Budget 2023 : 2023-24 के केंद्रीय बजट से भारत की क्रिप्टो इंडस्ट्री को काफी उम्मीदें हैं। क्रिप्टो इंडस्ट्री को उम्मीद है कि सरकार कुछ अनुकूल (फेवरेबल) नीतियों के साथ संघर्ष कर रहे इस क्षेत्र को नया जीवन देगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस वर्ष के बजट से क्रिप्टो इंडस्ट्री को जो उम्मीदें हैं, उनमें स्वदेशी क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए एक उचित रेगुलेटरी फ्रेमवर्क, लंबित क्रिप्टो बिल पर और अधिक स्पष्टता, क्रिप्टो टैक्सेशन पर कुछ राहत (जो अभी 30 प्रतिशत है) और देश में ब्लॉकचैन और वेब 3 कंपनियों के फलने-फूलने के लिए एक ओवरऑल अनुकूल माहौल शामिल हैं।
टीडीएस में छूट की उम्मीद
क्रिप्टो इंडस्ट्री को यह भी उम्मीद है कि सरकार भारत में वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (वीडीए) के लिए एक अच्छा माहौल बनाने के लिए क्रिप्टो निवेशकों को अपने नुकसान की भरपाई करने और कैरी फॉर्वर्ड की अनुमति देगी। इसके अलावा उम्मीद है कि टीडीएस छूट की सीमा "उचित स्तर तक" बढ़ाई जाएगी।
क्या कहते हैं इंडस्ट्री के लोग
क्रिप्टो इंडस्ट्री के एक वरिष्ठ व्यक्ति के अनुसार भारतीय क्रिप्टो उद्यमी क्रिप्टो एक्सचेंजों के लिए रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तेजी से लागू होने की उम्मीद कर रहे हैं। इस तरह के सकारात्मक कदम डिजिटल एसेट को बड़े पैमाने पर स्वीकार करने को प्रोत्साहित करेंगे और भारत को वेब3 अर्थव्यवस्था के अगले फेज में आगे बढ़ाएंगे। वैसे तो टैक्स के पहलू को पिछले बजट में एडरेस किया गया था, मगर इंडस्ट्री का मानना है कि वेब3, क्रिप्टो एसेट, एनएफटी और मेटावर्स को अन्य रेगुलेटरी मेटर्स के लिए एक अलग बिल की आवश्यकता है।
कितने निवेशक हैं भारत में
इंडस्ट्री का अनुमान है कि इस समय भारत में लगभग 15 मिलियन क्रिप्टो निवेशक हैं। नैसकॉम की रिपोर्ट के अनुसार, देश में वैश्विक वेब3 टैलेंट का 11 प्रतिशत हिस्सा है, जिसमें 75,000+ ब्लॉकचेन प्रोफेश्नल्स काम कर रहहे हैं। हालांकि, घरेलू एक्सचेंजों पर क्रिप्टो ट्रेडिंग वॉल्यूम वित्त वर्ष 2022-23 के बजट में 30 प्रतिशत क्रिप्टो गेन टैक्स की शुरुआत के बाद 90 प्रतिशत तक गिर गया। बहुत सारी ट्रांजेक्शन ऑफशोर चली गईं, जिन्हें ट्रैक करना और भी मुश्किल हो गया। जानकारों का मानना है कि डिजिटल एसेट्स के लिए एक फॉर्मल टैक्स सिस्टम शुरू करके सरकार ने क्रिप्टो को रेगुलेट करने की दिशा में अपना पहला कदम उठाया। यह फॉर्मल टैक्स स्ट्रक्चर इंस्टिट्यूश्नल निवेशकों को एक वैकल्पिक एसेट क्लास के रूप में डिजिटल एसेट को देखने के लिए आवश्यक स्पष्टता और दिशा प्रदान करती है। हालांकि, सरकार को एक बेहतर आईटी और वेब3 ईकोसिस्टम को बढ़ावा देने के लिए 30 प्रतिशत टैक्स को उचित रेट पर लाना चाहिए जो इनोवेशन और ग्रोथ को बढ़ावा देगा।


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