नई दिल्ली, फरवरी 2। कल 1 फरवरी को देश का बजट पेश किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने 1 अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए भारत का बजट एक विनाशकारी दूसरी कोविड-19 लहर के बाद पेश किया, जिसने छोटे कारोबारों को अपंग बना दिया और देश की पहले से ही विशाल असमानताओं को गहरा कर दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को एक ऐसा बजट पेश किया, जिसमें एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में विकास को गति देने के लिए बड़े खर्च (कैपिटल एक्सपेंडिचर) करने का आह्वान किया गया, क्योंकि यह महामारी से रिकवरी का फेज है। सीतारमण ने विकास योजनाओं को सपोर्ट करने के लिए अर्थव्यवस्था के वार्षिक खर्च के साइज को बढ़ा कर 39.5 ट्रिलियन या लाख करोड़ रुपये (529 बिलियन डॉलर) करने का प्रस्ताव रखा। बजट में कुछ सेक्टरों पर खास फोकस रहा। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बजट से किस सेक्टर को फायदा होगा और किसने नहीं।
फायदे वाले सेक्टर
ईवी बैटरी निर्माता
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक नई स्वैपिंग पॉलिसी का ऐलान किया गया है। बजट में स्वच्छ परिवहन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने के लिए भारत की महत्वाकांक्षाओं का विस्तार करने की योजना पेश की गयी। इससे बैटरी निर्माताओं को फायदा होगा। एक्साइड और अमारा राजा जैसी कंपनियों को लाभ।
ट्रांसपोर्ट, इंफ्रा
दूर-दराज की सड़कों में निवेश की योजना, शहरों में बड़े पैमाने पर परिवहन और तीन वर्षों में 400 नई "वंदे भारत" ट्रेनों से लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड, जीएमआर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, केएनआर कंस्ट्रक्शन लिमिटेड, आईआरबी इंफ्रा लिमिटेड जैसी कंपनियों को लाभ होगा।
मोटल्स और सोलर
38 मिलियन घरों में पाइप से पानी के लिए सरकार के 600 बिलियन रुपये के आवंटन और रसद पर खर्च से भारत के धातु उत्पादकों को लाभ होगा, जिसमें वेदांत लिमिटेड, टाटा स्टील लिमिटेड और जेएसडब्ल्यू स्टील लिमिटेड शामिल हैं। वहीं स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए सौर मॉड्यूल के लिए 195 बिलियन रुपये की योजना से टाटा पावर लिमिटेड, सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड जैसी कंपनियां फायदा उठा सकती हैं।
सीमेंट, कंस्ट्रक्शन
सस्ते घरों के निर्माण के ऐलान से सीमेंट और कंस्ट्रक्शन कंपनियों को फायदा होगा। इनमें अंबुजा सीमेंट, एसीसी शामिल हैं।
टेलीकॉम और डेटा सेंटर्स
2022 में 5जी नीलामी शुरू करने से टेल्को सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और इंफ्रा के खर्च के रूप में डेटा स्टोरेज के वर्गीकरण से भारती एयरटेल लिमिटेड, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, वोडाफोन आइडिया लिमिटेड आदि को फायदा मिलेगा।
डिजिटल फाइनेंस और डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स
डिजिटल फाइनेंस में पेटीएम, पेसालो डिजिटल आदि और डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स में पारस डिफेंस और भारत फोर्ज सरीखी कंपनियां फायदा उठा सकती हैं।
नुकसान वाले सेक्टर
नुकसान वाले 5 सेक्टर हो सकते हैं। इनमें सरकारी बैंक (कारण - डिजिटल करेंसी के ऐलान से परंपरागत बैंकिंग पर असर पड़ेगा), क्रिप्टो कंपनियां (क्रिप्टो लेन-देन पर 30 फीसदी टैक्स), कोल एंड थर्मल पावर (सौर ऊर्जा के लिए प्रोत्साहन और बायोमास पेलेट्स के उपयोग की योजना), स्टेनलेस स्टील (स्टेनलेस स्टील पर कुछ एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटीज को रद्द करने की योजना) और ऑटोमोबाइल सेक्टर (वित्त मंत्री का बहुत कम ध्यान गया, वैश्विक सेमीकंडक्टर संकट के दौर से गुजर रहे हैं) शामिल हैं।
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