नई दिल्ली, फरवरी 1। आज संसद में वित्त मंत्री ने 2022-23 के लिए बजट पेश किया। बजट में करदाताओं को राहत दी गयी है। वित्त मंत्री ने कहा कि गलती को ठीक करने का अवसर देने के लिए करदाता अब प्रासंगिक मूल्यांकन वर्ष (रेलेवेंट एसेसमेंट ईयर) से 2 साल के भीतर एक अपडेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। वित्त मंत्री ने टैक्स को लेकर और भी कई बड़े ऐलान किये। जैसे कि दिव्यांगों को टैक्स में सरकार राहत देगी। इसी तरह सहकारी समितियों (को-ऑपरेटिव सोसाइटीज) के लिए वैकल्पिक न्यूनतम कर में 15 फीसदी की कटौती की जाएगी। ये प्रस्ताव सहकारी समितियों पर अधिभार (सरचार्ज) घटाकर 7% कर देगा। मगर केवल उनके लिए जिनकी आय 1 करोड़ रुपये से 10 करोड़ रुपये के बीच है।

क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स
वित्त मंत्री ने कहा कि ब्लॉकचेन और अन्य तकनीकों का उपयोग करके डिजिटल रुपया जारी किया जाएगा। इस डिजिटल करेंसी को 2022-23 में आरबीआई द्वारा जारी किया जाएगा। साथ ही उन्होंने वर्चुअल डिजिटल एसेट्स पर 30% टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि मैं ये प्रस्ताव करती हूं कि किसी भी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स ट्रांसफर से होने वाली किसी भी इनकम पर 30 फीसदी की दर से टैक्स लगाया जाएगा। अधिग्रहण (खरीदने) की लागत को छोड़कर, ऐसी आय की गणना करते समय किसी भी खर्च या भत्ते के संबंध में कोई (टैक्स) कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं
इसके साथ ही एक और बड़ा ऐलान किया गया है कि इनकम टैक्स का कोई बदलाव नहीं होगा। डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए बजट में डिजिटल यूनिवर्सिटी का ऐलान किया गया है। विश्व स्तरीय शिक्षा के लिए डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। वित्त मंत्री के अनुसार यह विभिन्न भारतीय भाषाओं में स्थापित होगी। यह एक नेटवर्क हब मॉडल पर आधारित होगी। बता दें कि वन-क्लास, वन टीवी चैनल का भी ऐलान किया गया है।


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