नई दिल्ली, जनवरी 23। बजट पेश किए जाने में अब काफी कम समय बचा है। इस बीच अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार आगामी केंद्रीय बजट (2022-23) में सभी वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए प्रोविडेंट फंड में टैक्स फ्री कॉन्ट्रिब्यूशन की लिमिट को दोगुना करके सालाना 5 लाख रु कर सकती है। बताते चलें कि सरकार ने 2021-22 के पिछले केंद्रीय बजट में टैक्स फ्री ब्याज इनकम प्राप्त करने के लिए टैक्स फ्री पीएफ योगदान को 2.5 लाख रु तक सीमित करने की घोषणा की थी। बाद में इस लिमिट उन लोगों के लिए बढ़ा कर 5 लाख रु कर दिया गया था, जिनके लिए एम्प्लोयर्स योगदान नहीं करते हैं। वित्त विधेयक में संशोधन कर इस सीमा को बढ़ाया गया था।

प्राइवेट कर्मचारियों को होगा फायदा
हालांकि इस बदलाव (लिमिट बढ़ा कर 5 लाख रु करने) से टॉप सरकारी अधिकारियों के केवल एक छोटे से वर्ग को फायदा हुआ, जो जनरल पीएफ में अधिक मात्रा में योगदान करते हैं। अब सरकार सभी वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए प्रोविडेंट फंड में टैक्स फ्री कॉन्ट्रिब्यूशन की लिमिट को दोगुना करके सभी को राहत दे सकती है। हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार सरकार सभी वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए सीमा को बढ़ा कर 5 लाख रु प्रति वर्ष कर सकती है।
सरकार को मिले सुझाव
रिपोर्ट के अनुसार सरकार को इस प्रावधान को करने के लिए कई आवेदन मिले हैं। इन आवेदनों में बुनियादी तौर पर इस बात पर बल दिया गया कि नये प्रावधान से केवल सरकारी कर्मचारियों को लाभ हुआ है, इसलिए इसे गैर-भेदभावपूर्ण होना चाहिए और सभी वेतनभोगी कर्मचारियों को इसके दायरे में लाया जाना चाहिए। पिछले साल बजट में लिमिट की घोषणा के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 मार्च, 2021 को लोकसभा में कहा था कि कि 2.5 लाख रु की सीमा अधिकांश लोगों को कवर कर रही है। इस कदम से स्मॉल और मिड साइज के करदाताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मगर जहां एम्प्लोयर कोई कॉन्ट्रिब्यूट नहीं करता वहां सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रु करने की बात कही गयी थी।


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