नई दिल्ली, जनवरी 24। केंद्रीय बजट 2022 से करदाताओं को इनकम टैक्स के मोर्चे पर काफी राहत की उम्मीद है। केपीएमजी ने हाल ही में एक प्री-बजट सर्वे किया है। इस सर्वे में शामिल ज्यादातर उत्तरदाताओं ने कहा कि इंडिविजुअल टैक्स के मामले में उन्हें 2.5 लाख रुपये की बेसिक इनकम टैक्स छूट सीमा में वृद्धि की उम्मीद है। काफी लोग 10 लाख रु और उससे अधिक की टॉप इनकम स्लैब की लिमिट को बढ़ाए जाने के पक्ष में भी रहे। साथ ही धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रु की कटौती लिमिट में वृद्धि को सपोर्ट किया।

क्या कहते हैं जानकार
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार टैक्स2विन के सह-संस्थापक और सीईओ अभिषेक सोनी के मुताबिक बेसिक छूट की सीमा को अंतिम बार 2017-18 में बदला गया था। इसलिए इस बजट में बेसिक छूट की सीमा को बढ़ाने की उम्मीद काफी ज्यादा है। इससे मिडिल क्लास के करदाताओं को अपनी टैक्स देनदारी को कुछ हद तक कम करने में मदद मिलेगी।
क्या चाहते हैं लोग
सर्वे में शामिल 19 फीसदी उत्तरदाताओं ने कहा कि उन्हें वेतनभोगियों के लिए 50,000 रुपये की स्टैंडर्ड कटौती लिमिट में वृद्धि की उम्मीद है। वहीं 16 फीसदी लोग घर से काम करने के ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए वेतनभोगियों के लिए टैक्स फ्री अलाउंस / अनुलाभों की उम्मीद कर रहे हैं। जानकार मानते हैं कि सरकार को होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट के भुगतान पर 80सी के तहत अलग से कटौती की सुविधा देनी चाहिए।
उच्चतम टैक्स स्लैब
कई जानकार मानते हैं कि दो टैक्स सिस्टम अभी भी आम आदमी को कंफ्यूज करते हैं। सरकार उच्चतम कर स्लैब को 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने पर विचार कर सकती है। या ये भी हो सकता है कि नए टैक्स सिस्टम को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए कुछ कटौती की सुविधा दी जाए। बजट 2021 में सैलेरी क्लास को कोई बड़ी राहत नहीं दी गयी थी। बजट 2022 से कई बड़ी उम्मीदें हैं। मगर जानकारों का मानना है कि इस साल कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत टैक्स रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।


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