नई दिल्ली, दिसंबर 21। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को टॉप कारोबारी लीडर्स से मुलाकात की। इस तरह की बैठकें इंडस्ट्री के साथ बजट से पहले बातचीत की एक सीरीज का हिस्सा होती हैं, जिसका उद्देश्य देश के निवेश माहौल को बेहतर बनाना होता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जो 1 फरवरी को 2022-23 के लिए केंद्रीय बजट पेश करने वाली हैं, और वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी इस बैठक में उपस्थित रहे। आगे जानिए इस बैठक की डिटेल।

करीब 20 कंपनियों के सीईओ रहे मौजूद
प्रधानमंत्री ने बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टील, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, कंज्यूमर गुड्स, टेक्सटाइल्स, रिन्यूएबल, हॉस्पिटैलिटी, टेक, हेल्थकेयर, स्पेस और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित इंडस्ट्रीज में लगभग 20 कंपनियों के सीईओ के सुझाव सुने। उन्होंने स्टार्टअप्स, वेंचर कैपिटल फर्मों और प्राइवेट इक्विटी फंड्स के शीर्ष प्रतिनिधियों के साथ भी बातचीत की।
नयी पहल के लिए प्रतिबद्ध
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार "पहल करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है" जो आर्थिक प्रगति को गति देगी। सरकार इंडस्ट्री को सपोर्ट करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार चाहती है कि इंडस्ट्री बढ़े, निवेश करना जारी रखे और जोखिम उठाए। पीएम ने कहा कि जिस तरह देश ओलंपिक में पोडियम फिनिश करना चाहता है, उसी तरह हमारे उद्योगों को हर क्षेत्र में दुनिया के टॉप पांच में देखना चाहता है, और यह एक ऐसी चीज है जिसके लिए हमें सामूहिक रूप से काम करना चाहिए।
नये क्षेत्रों में निवेश
पीएम मोदी ने कॉरपोरेट क्षेत्र से "कृषि और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में अधिक निवेश करने" और प्राकृतिक खेती पर ध्यान केंद्रित करने के बारे में भी कहा। प्रधानमंत्री ऑफिस के एक अलग बयान के अनुसार पीएम ने सरकार द्वारा और अधिक सुधारों की शुरूआत करने के प्रयासों, पीएम गतिशक्ति जैसी पहल की भविष्य की संभावनाओं और अनावश्यक कम्प्लायंस बोझ को कम करने के लिए उठाए गए कदमों पर चर्चा की। उद्योग के हॉटशॉट्स के साथ प्रधानमंत्री की पहली बजट पूर्व बैठक बढ़ते कोविड -19 मामलों के बीच हुई है। दरअसल ओमिक्रॉन से आर्थिक सुधार को लेकर चिंता बढ़ी है।


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