नई दिल्ली, फरवरी 2। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बजट पर भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित किया। उन्होंने बजट पर बोलते हुए कहा कि बजट की सराहना की गई है। 7 साल पहले, भारत की जीडीपी 1.10 लाख करोड़ डॉलर थी, लेकिन आज यह लगभग 2.20 लाख करोड़ डॉलर है। यहां तक कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी 200 अरब डॉलर से बढ़ कर 630 अरब डॉलर हो गया है। यह सब हमारी सरकार की प्रभावी नीतियों के कारण है। पीएम ने कहा कि आत्मनिर्भर और आधुनिक भारत बनाना हमारे लिए बहुत जरूरी है। भारत को आधुनिकता की दिशा में आगे ले जाने के लिए इस बजट में कई अहम प्रावधान हैं। पिछले 7 सालों में लिए गए फैसलों से भारत की अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा की बजट का फोकस गरीब, मध्यम वर्ग और युवाओं पर रहा।
नई विश्व व्यवस्था की संभावना
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कोविड महामारी के बाद एक नई विश्व व्यवस्था की संभावना है। आज भारत को देखने का दुनिया का नजरिया काफी बदल गया है। अब दुनिया एक मजबूत भारत देखना चाहती है। पीएम के मुताबिक भारत के प्रति दुनिया के बदले हुए नजरिए के साथ यह जरूरी है कि हम अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत कर देश को तेज गति से आगे ले जाएं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट की व्यापकता को देखते हुए समयबद्ध तरीके से इसकी विस्तृत व्याख्या की।
सीमावर्ती गांवों से पलायन पर क्या बोले पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि सीमावर्ती गांवों से पलायन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अच्छा नहीं। बजट में सीमा पर 'वाइब्रेंट विलेजेस' को विकसित करने का प्रावधान है। बजट में गंगा नदी के किनारे 2,500 किलोमीटर लंबे प्राकृतिक कृषि गलियारे की योजना है। इससे स्वच्छ गंगा मिशन में भी मदद मिलेगी। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम से उत्तराखंड, अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के सीमावर्ती गांवों को फायदा होगा। सीमा पर बसे गांवों के विकास पर भी फोकस किया गया है। सीमा पर स्थित स्कूलों में एनसीसी सेंटर लाये जाएंगे।
किसानों के लिए ऐलान
पीएम मोदी ने कहा कि गरीब, मध्यम वर्ग, युवाओं को बुनियादी जरूरतें उपलब्ध कराने पर बजट फोकस है। बजट में जैविक खेती पर ध्यान देने के साथ भारतीय कृषि के आधुनिकीकरण पर भी ध्यान दिया गया। इससे खेती को और अधिक लाभ मिलेगा। किसानों को उचित मूल्य पर किसान ड्रोन और अन्य मशीनरी उपलब्ध कराई जाएगी। एफडीआई यानी डायरेक्ट फोरेन इंवेस्टमेंट पर पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल भारत में एफडीआई 80 अरब डॉलर को पार कर गया। उन्होंने कहा कि कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, पूरी विश्व व्यवस्था बदल गई। इसी तरह, कोविड-19 महामारी के बाद, एक बदली विश्व व्यवस्था की संभावना है। भारत सदी की सबसे भीषण महामारी से लड़ रहा है।
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