नई दिल्ली, जनवरी 30। देश में परंपरा रही थी कि वित्त मंत्री एक खास सूटकेस में बजट के दस्तावेज लेकर संसद में आते थे। संसद में आने से पहले वित्त मंत्री का इस सूटकेस के साथ पत्रकार फोटो भी लेते थे। लेकिन अब यह परंपरा टूट चुकी है। यही नहीं अब सूटकेस की जगह आईपैड पर सरकार का बजट जारी हो रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2022 को बजट पेश करने जा रही हैं। देखते हैं कि इस बार क्या क्या परंपराएं बदलती हैं।
पहले ये थी परंपरा
बजट दस्तावेज को 'लाल बॉक्स' में संसद ले जाने की परंपरा थी। इंग्लैंड के वित्त मंत्री ऐसा करते थे। इस परंपरा की शुरुआत विलियम इवार्ट ग्लैडस्टोन ने 1860 में की थी। दरअसल, उनका बजट भाषण इतना लंब होता था कि उन्हें बजट डॉक्युमेंट्स ले जाने के लिए एक ब्रीफकेस की जरूरत पड़ती थी। लेकिन वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना पहला बजट 2019 में पेश किया था। उन्होंने तब ब्रीफकेस में बजट पेपर संसद ले जाने की परंपरा तोड़ी थी। उन्होंने ब्रीफकेस के बजाय बजट पेपर संसद ले जाने के लिए पारंपरिक बही-खाता का इस्तेमाल किया था।

जानिए उस समय क्या बोला गया था
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि बजट 2019 के लिए मैंने सूटकेस का इस्तेमाल नहीं किया। इसकी वजह यह है कि हम सूटकेस लेकर चलने वाली सरकार के हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने कहा था कि सूटकेस का मतलब दूसरा भी होता है जैसे-सूटकेस देना, सूटकेस लेना।
जानिए कब से रेल बजट मुख्य बजट में जोड़ा गया
2017 में रेल बजट को यूनियन बजट का हिस्सा बना दिया गया था। अंतिम बार रेल बजट 25 फरवरी, 2016 को पेश किया गया था। उस वक्त रेल मंत्री सुरेश प्रभु थे। उसके बाद 2017 में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने यूनियन बजट के साथ ही रेल बजट भी पेश किया था। इसके साथ ही अलग रेल बजट पेश करने की 92 साल पुरानी परंपरा खत्म हुई थी। दरअसल, 2015 में नीति आयोग की एक कमेटी ने अलग से रेलवे बजट पेश करने के प्रैक्टिस को बंद करने की सिफारिश की थी।
कैसे तैयार होता है बजट
बजट को वित्त मंत्रालय अपने नीति आयोग और इससे संबंधित अन्य मंत्रालयों के सहयोग से तैयार करता है। कई एडवाइजर और ब्यूरोक्रेट्स की मदद से वित्त मंत्री इस बजट को बजट तैयार करती हैं। वित्त मंत्रालय का डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स बजट तैयार करने के लिए नोडल बॉडी है। बजट को किस तरह से बनाया जाना है, क्या शामिल करना है, ये प्रक्रिया लगभग 6 महीने पहले यानी अगस्त-सितंबर में ही शुरू हो जाती है।
जानिए भारत का पहला बजट किसने पेश किया था
भारत का पहला बजट साल 1860 में 18 फरवरी को वायसराय की परिषद में जेम्स विल्सन ने पेश किया था। जेम्स विल्सन भारतीय वायसराय को सलाह देने वाली परिषद के वित्त सदस्य थे। वहीं अगर स्वतंत्र भारत के पहले बजट की बात की जाए तो पहला बजट 26 नवंबर 1947 को तत्कालीन वित्त मंत्री आर. के. शनमुखम चेट्टी ने पेश किया था।


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