नई दिल्ली, जनवरी 25। देश में स्टार्टअप्स का आकार तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन महामारी ने स्टार्टअप्स के बढ़ने की गति को पूरी तरह से नहीं बढ़ने दिया है। महामारी करीब 2 साल से चल रही है। ऐसे में ढेर सारे स्टार्टअप्स ऐसे में हैं, जिन्हें फंड की तुरंत जरूरत है। यही कारण है कि स्टार्टअप्स इस बजट से बहुत उम्मीदें लगाए बैठे हैं। ध्यान रहे कि बजट संसद में 1 फरवरी 2022 को पेश किया जाएगा। इसे देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी।
स्टार्टअप्स की प्रमुख मांग में टैक्स से राहत
देश के ज्यादातर स्टार्टअप्स को उम्मीद है कि सरकार उनकी टैक्स से जुड़ी दिक्कतों पर इस बार बजट में ध्यान देगी। महामारी के चलते इन स्टार्टअप्स को ढेर सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अगर सरकार की तरफ से कुछ टैक्स राहत मिलती है, तो यह स्टार्टअप्स अपने को तेजी से बढ़ाने में सफल होंगे।

ध्यान रहे कि भारत स्टार्टअप्स के मामले में दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। लेकिन अगर इस तेजी को बनाए रखना है तो सरकार को आगे आना होगा। देश में इस वक्त हजारों स्टार्टअप्स काम कर रहे हैं, जिनमें लाखों लोगों को नौकरियां भी मिली हुई हैं। एक तरह से देश में नौकरी का सबसे बड़ा माध्यम यह स्टार्टअप्स ही बन रहे हैं। ऐसे में अगर बजट से कुछ राहत मिलती है तो स्टार्टअप्स में नौकरियों की संभावना और बढ़ जाएगी।
एक स्टार्टअप्स के प्रमुख के अनुसार यहां पर निवेश सबसे जरूरी बात है। क्योंकि स्टार्टअप्स में निवेश ज्यादा रिस्की होता है, ऐसे में जरूरी है कि सरकार नियम कायदों के साथ आगे आए। इसके अलावा स्टार्टअप्स जॉब क्रिएशन में प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे में स्टार्टअप्स को उम्मीद है कि सरकार घरेलू स्तर पर कैपिटल पार्टिसिपेशन के लिए नीतियां जरूर लाएगी। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर के साथ फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट में टैक्स छूट की जरूरत पर भी ध्यान देगी।
वहीं एक और जानकार के अनुसार स्टार्टअप्स में रिकॉर्ड निवेश आया है और 2021 फिनटेक सेक्टर के लिए बहुत ही अच्छा रहा है। ऐसे में स्टार्टअप्स सेक्टर को बजट से बहुत ही ज्यादा अनुकूल नीतियों की जरूरत है। इसके अलावा स्टार्टअप्स चाहते हैं जहां बंदिशों जैसी स्थिति है, वहां पर कुछ राहत दी जाए। इससे फिनटेक इंडस्ट्री की ग्रोथ और सफलता को प्रोत्साहन मिलेगा।


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