नई दिल्ली, जनवरी 29। टेक्नोलॉजी ने कोविड-19 महामारी से निपटने में लोगों की खूब मदद की। हाइब्रिड वर्क एंवायरमेंट, वर्चुअल क्लास आदि के लिए लोगों को टेक्नोलॉजी काफी सुविधा प्रदान की। इससे हुआ यह कि टेक कंपनियों को और नये कदम उठाने और नयी चीजें इनवेंट करने के लिए प्रेरणा मिली। खुद भारत सरकार के मुताबिक दुनिया का 75 फीसदी डिजिटल टैलेंट भारत में है। ऐसे में आगामी बजट में कंज्यूमर टेक कंपनियों पर खास फोकस हो सकता है। आगे जानिए कि कंज्यूमर टेक कंपनियों को बजट से क्या उम्मीदें हैं।

मैन्युफैक्चरिंग हब
इंडस्ट्री से जुड़े जानकार मानते हैं कि बजट में देश को कंज्यूमर टेक गुड्स का मैन्युफैक्चरिंग बनाने और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कदम उठाने चाहिए। ऐसा करने के लिए सरकार को कंज्यूमर टेक मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को सब्सिडी और इंसेंटिव देने का सुझान दिया गया है। वैसे बजट में भारत को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण और निर्यात का केंद्र बनाने की दिशा में कोई बड़ा ऐलान किया जा सकता है।
आयात शुल्क में बढ़ोतरी
साथ ही जानकारों ने कुछ कंपोनेंट पर आयात शुल्क में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद जताई है। बजट को वैल्यू क्रिएशन पर ज्यादा ध्यान देने वाला बनाए जाने की उम्मीद है। इसमें कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग के लिए स्पेशल इंसेंटिव और सब्सिडी शामिल हो सकती है।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स
बजट से अन्य जानकार उम्मीद कर रहें हैं कि सरकार कंज्यूमर ड्यूरेबल्स के लिए टैक्स स्लैब को उचित बनाएगी। साथ ही आरएंडडी (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) को बढ़ावा देने और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा के लिए जरूरी ऐलान संभव हैं। असल में कोविड-19 से आपूर्ति और मांग दोनों प्रभावित हुई हैं। इसलिए इंडस्ट्री सरकार से सपोर्ट की उम्मीद कर रही है।
नेशनल स्टार्ट-अप डे
सरकार ने गुड्स मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहित करने के लिए मेक इन इंडिया के रूप में एक बड़ी शुरुआत की थी। साथ ही, देश में स्टार्ट-अप को सपोर्ट देने के लिए अब 16 जनवरी को 'नेशनल स्टार्ट-अप डे' के रूप में मनाए जाने का ऐलान किया।


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