नई दिल्ली, जनवरी 18। ऑटोमोबाइल डीलर्स बॉडी एफएडीए (फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया) ने सरकार से दोपहिया वाहनों पर जीएसटी दरों को कम करके 18 प्रतिशत करने का आग्रह किया है। एफएडीए के अनुसार इससे सेगमेंट में मांग बढ़ेगी। एफएडीए 26,500 डीलरशिप वाले 15,000 से अधिक ऑटोमोबाइल डीलरों का प्रतिनिधित्व करता है। इसने सरकार से मांग की है कि दोपहिया वाहन एक लक्जरी आइटम नहीं हैं और इसलिए इन पर जीएसटी दरों में कमी करनी चाहिए। यदि सरकार दोपहिया वाहनों पर जीएसटी कम करती है तो इससे स्कूटर और बाइक सस्ती हो जाएंगी।

ऑटो सेक्टर को फायदा
एफएडीए ने वित्त मंत्रालय से दोपहिया वाहनों पर जीएसटी दरों को कम करके 18 प्रतिशत करने का अनुरोध किया है। इससे देश इस सेगमेंट में ग्लोबल लीडरशिप को ओर बढ़ेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2022-23 संसद में पेश करने वाली हैं। एफएडीए ने दलील दी है कि दोपहिया वाहनों का उपयोग विलासिता की वस्तु के रूप में नहीं बल्कि दूर-दूर तक यात्रा करने के लिए किया जाता है, खास कर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों द्वारा अपनी दैनिक कार्य आवश्यकताओं के लिए।
अभी कितनी है जीएसटी रेट
इस समय दोपहिया वाहनों पर 28 फीसदी जीएसटी दर है। इन पर 2 फीसदी सेस यानी उपकर भी है। ऐसे समय में जब इनपुट लागत और कई अन्य फैक्टर्स के चलते वाहन की कीमतें 3-4 महीने के अंतराल के बाद बढ़ रही हैं, जीएसटी दरों में कमी कीमतों में बढ़ोतरी का मुकाबला करेगी और मांग को बढ़ाने में मदद करेगी।
पुराने वाहनों के लिए जीएसटी रेट
एफएडीए ने सरकार, डीलरों और वाहन मालिकों के लिए फायदे की स्थिति बनाने के लिए सभी इस्तेमाल किए गए वाहनों के लिए मार्जिन पर 5 प्रतिशत की एक समान जीएसटी दर की भी मांग की है। सरकार इस समय यूज्ड कारों पर 12 और 18 फीसदी की दर से जीएसटी वसूलती है।


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