वित्त वर्ष 2021-22 का बजट 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट होगा।
नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2021-22 का बजट 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी। यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट होगा। मिली जानकारी के मुताबिक सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के मकसद को ध्यान में रखते हुए कृषि ऋण का लक्ष्य 2021-22 के बजट में बढ़ाकर करीब 19 लाख करोड़ रुपये कर सकती है।

अगले वित्त वर्ष का बजट एक फरवरी को पेश किया जाएगा। चालू वित्त वर्ष के लिये सरकार ने कृषि ऋण का लक्ष्य 15 लाख करोड़ रुपये रखा है। सूत्रों ने कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र के लिये हर साल कर्ज का लक्ष्य बढ़ाती रही है और इस बार भी 2021-22 के लिये लक्ष्य को बढ़ाकर करीब 19 लाख करोड़ रुपये किया जा सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2020-21 का बजट पेश करते हुए कहा था कि कृषि क्षेत्र को कर्ज देने के मामले में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) और सहकारी बैंक सक्रिय रहे हैं। नाबार्ड (राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक) पुनर्वित्त योजना का आगे और विस्तार किया जाएगा। वित्त वर्ष 2020-21 के लिये कृषि कर्ज का लक्ष्य 15 लाख करोड़ रुपये रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार कृषि कर्ज प्रवाह में साल-दर-साल वृद्धि हुई है। जो भी लक्ष्य रखे गये, ऋण वितरण उससे अधिक ही रहा है। समझने के लिये बता दें कि 2017-18 में किसानों को 11.68 करोड़ रुपये का कर्ज दिया गया जबकि लक्ष्य 10 लाख करोड़ रुपये का ही था। इसी प्रकार, 2016-17 में 10.66 लाख करोड़ रुपये फसल ऋण वितरित किये गये। यह नौ लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य से कहीं अधिक था। कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिये कर्ज जरूरी है। संस्थागत स्रोतों से कर्ज सुलभ होने पर किसानों को महाजनों और सूदखोर जैसे गैर-संस्थागत स्रोतों से कर्ज लेने की जरूरत नहीं पड़ती और अधिक ब्याज नहीं चुकाना पड़ता।
सामान्य रूप से कृषि ऋण पर ब्याज 9 प्रतिशत रहता है लेकिन सरकार ब्याज सहायता उपलब्ध कराती है ताकि अल्पकाल के लिये खेती के लिये ऋण सस्ती दरों पर किसानों को उपलब्ध हो और कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिले। सरकार किसानों को 2 प्रतिशत ब्याज सहायता उपलब्ध कराती है ताकि उन्हें छोटी अवधि के लिये 3 लाख रुपये तक का कर्ज प्रभावी रूप से 7 प्रतिशत ब्याज पर मिल सके। इसके अलावा तीन प्रतिशत की सहायता उन किसानों को दी जाती है जो कर्ज का भुगतान समय पर करते हैं। इससे प्रभावी रूप से ब्याज 4 प्रतिशत बैठता है।
पीएम किसान योजना के तहत किसानों को मिलने वाली किसान सम्मान निधि की राशि भी बढ़ा सकती है। नए बजट में यह राशि 6,000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये सालाना की जा सकती है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में कृषि क्षेत्र के लिए बजट से लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई थी। वित्तीय वर्ष 2021-22 में भी इस राशि में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।
More From GoodReturns

भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें

Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?

ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका

US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति

GST e-Way Bill में बड़ा बदलाव: 1 अगस्त से Ship-to GSTIN अनिवार्य, कहीं आपका माल न रुक जाए!

चेन्नई रेल अपडेट: आज रात कई ट्रेनें रद्द, सफर से पहले चेक करें अपना रूट और टाइमिंग

Russia ने 6 महीने में बेच दिया 44 टन सोना! रूस क्यों घटा रहा है अपना Gold Reserve?

SEBI के नए बायबैक नियम लागू: अब ओपन-मार्केट में निवेश से पहले जान लें ये 5 बड़े बदलाव

Indo-MIM Listing Today: आज बाजार में होगी धमाकेदार एंट्री! लिस्टिंग के बाद शेयर बेचने का सही तरीका

Gold Outlook: Buy on Dip या Sell on Rise? गोल्ड, सिल्वर और क्रूड पर Expert Strategy!

LIC AGM 2026: डिविडेंड और बोनस पर बड़ा फैसला, निवेशकों के लिए क्या है खास?



Click it and Unblock the Notifications