नयी दिल्ली। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश किए जाने में अब सिर्फ तीन दिन बाकी हैं। आगामी बजट से काफी उम्मीदें लगाई जा रही हैं। अलग-अलग सेक्टरों को मिलने वाले बेनेफिट के बारे में अनुमान लगाए जा रहे हैं। ज्वेलरी इंडस्ट्री को भी आगामी बजट से काफी उम्मीदें हैं। हालांकि यदि ज्वेलरी इंडस्ट्री की एक खास मांग पूरी हुई तो उससे सोने-चांदी के खरीदारों को भी लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं क्या है वो खास मांग।
सस्ता हो सकता है सोना-चांदी
जेम एंड ज्वेलरी इंडस्ट्रीज को आगामी केंद्रीय बजट 2021-22 में मोदी सरकार से बहुत उम्मीद है। इंडस्ट्री चाहती है कि केंद्र सरकार सोने पर सीमा शुल्क कम करे, टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) को वापस ले, पॉलिश किए गए कीमती और अर्ध-कीमती रत्नों पर आयात शुल्क में कटौती करे। इंडिया टीवी की रिपोर्ट के अनुसार ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल (जीजेसी) के अध्यक्ष अनुसार सरकार को ज्वेलरी बिजनेस पर उच्च आयात शुल्क के निगेटिव प्रभाव का आकलन करना चाहिए। उन्होंने कस्मट ड्यूटी को 12.5 फीसदी से घटा कर 4 फीसदी किए जाने की मांग की है। अगर ऐसा हुआ तो सोना-चांदी सस्ता हो सकता है।
गड़बड़ा सकता है बिजनेस सिस्टम
यदि टैक्स रेट को कम नहीं किया गया तो इससे तस्करी को बढ़ावा देगा और लोग असंगठित व्यापार करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। बता दें कि बजट 2019 में सरकार ने सोने पर सीमा शुल्क बढ़ा दिया था। सरकार ने सोने पर 10 प्रतिशत आयात शुल्क को बढ़ा कर 12.5 प्रतिशत कर दिया था। सोने पर तीन प्रतिशत जीएसटी भी है, जिससे कुल शुल्क 15.5 प्रतिशत हो जाता है। इतने अधिक टैक्स के नतीजे में तस्करी और टैक्स चोरी हो सकती है।
कोरोना से लगा है झटका
कोराना महामारी से ज्वेलरी इंडस्ट्री को भी जबरदस्त झटका लगा है। इंडस्ट्री से जुड़े अन्य जानकार के अनुसार सेक्टर को उम्मीद है कि सरकार महामारी से प्रभावित इस इंडस्ट्री की मदद के लिए बजट में आवश्यक कदम उठाएगी। हाल के दिनों में ज्वेलरी सेगमेंट के लिए एक नया टैक्स टीसीएस लआया गया है। इस सेक्टर पर पहले से ही 8-10 टैक्स हैं। ऐसे में नये टैक्स से और दिक्कत बढ़ी है। असल में अधिक टैक्स से प्रोसेस और मुश्किल हो जाता है।
आसान टैक्स सिस्टम की मांग
ज्वेलरी इंडस्ट्री सरकार से एक सरल और आसान टैक्स सिस्टम की उम्मीद कर रहे हैं। अगर सरकार टैक्स प्रोसेस को आसान बनाती है तो एक आम व्यापारी के लिए इसे समझना आसान होगा। वो समय जो व्यवसाय की प्रगति में बिताना चाहिए उसे कारोबारियों को टैक्स अनुपालन और सिस्टम को समझने में लगाना पड़ता है। बजट 2021 में व्यापारियों को आसान टैक्स सिस्टम की उम्मीद है।
जीएसटी रेट घटे
कुछ जानकार जीएसटी रेट घटाने की भी मांग कर रहे हैं। जानकार मानते हैं कि गोल्ड बुलियन और ज्वेलरी पर जीएसटी की दरों को 3 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी करने की जरूरत है। इससे बिल के साथ होने वाली बिक्री बढ़ेगी, जिससे बाजार को गति मिलेगी।
More From GoodReturns

IPO रिफंड का पैसा खाली न छोड़ें: 2-4 दिनों के लिए निवेश के ये विकल्प हैं बेस्ट

Shiprocket IPO: निवेश से पहले जानें UPI-ASBA की डेडलाइन और रिस्क, क्या FD से बेहतर है रिटर्न?

EMI और क्रेडिट कार्ड बिल: सोमवार को बैंक अकाउंट में रखें बैलेंस, वरना कटेगा भारी जुर्माना

Airtel का बड़ा झटका: अचानक बंद हुए कई लोकप्रिय प्रीपेड प्लान, रिचार्ज से पहले जानें ये जरूरी बात

जियो नेटफ्लिक्स बिलिंग में अचानक बदलाव! कहीं आपका प्लान तो नहीं हुआ डाउनग्रेड? चेक करें तुरंत

₹399 से कम में अनलिमिटेड 5G और OTT का तड़का, Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान्स की पूरी सच्चाई

भारत बनाम श्रीलंका मैच: लाइव स्ट्रीमिंग में बफरिंग? ₹22 से शुरू हैं ये बेस्ट डेटा प्लान्स

Kotak Diversified Equity All Cap NFO: आज बंद हो रहा है निवेश का मौका, क्या आपको दांव लगाना चाहिए?

PMFBY खरीफ 2026: आज है रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन, बैंक बंद होने पर भी ऐसे करें आवेदन

स्वतंत्रता दिवस सेल: खत्म होने में 48 घंटे, HDFC-SBI कार्ड पर 10% छूट पाने का सही तरीका

Shiprocket Listing Today: शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री! क्या ₹120 के पार खुलेगा भाव?



Click it and Unblock the Notifications