नयी दिल्ली। वित्त वर्ष 2021-22 के लिए यूनियन बजट पेश कर दिया गया है। बता दें कि बजट में पहली बार ऐसा हुआ है कि नौकरीपेशा वर्ग के लिए कोई भी ऐलान नहीं किया गया। वहीं ये पिछले एक दशक में पहला ऐसा बजट रहा, जिसमें डायरेक्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पिछले साल बजट में एक नये टैक्स सिस्टम का ऐलान किया गया था। इसमें 2.5 लाख रु तक की इनकम को टैक्स फ्री किया गया था, जबकि 2.5 से 5 लाख रुपये की इनकम पर 5 फीसदी और 5 से 7.5 लाख रु पर 20 फीसदी टैक्स का ऐलान किया गया था।

75 साल से अधिक आय वालों को राहत
वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पेश किए गए बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स से जुड़ी बड़ी राहत दी है। 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को कोई आयकर रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि ये फायदा केवल उन्हीं वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा, जो केवल पेंशन और ब्याज आय से इनकम हासिल करते हैं। भुगतान करने वाले बैंक अपनी ओर से टैक्स काट लेंगे। वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) को दोहरे टैक्सेशन से राहत मिलेगी। नए नियमों को अधिसूचित किया जाएगा। यह भी घोषणा की गयी है कि टैक्स ऑडिट की सीमा को 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
मेडिकल खर्च पर राहत की थी मांग
धारा 80डी में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपये प्रति वर्ष तक के स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर खर्च में कटौती का प्रावधान है। यदि किसी वरिष्ठ नागरिक के पास स्वास्थ्य बीमा नहीं है तो उसे 50,000 रुपये तक के चिकित्सा खर्च पर कटौती मिल जाएगी। मगर इनमें से कोई एक बेनेफिट ही मिलता है। जानकारों का मानना था कि बढ़ती चिकित्सा लागतों को देखते हुए वरिष्ठ नागरिकों को चिकित्सा खर्च के साथ-साथ स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम दोनों पर कटौती का लाभ मिलना चाहिए।


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