मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार की ओर से बजट 2021-22 एक फरवरी को पेश किया जाना है।
नई दिल्ली: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का तीसरा बजट सत्र आज से शुरू हो रहा है। केंद्र सरकार की ओर से बजट 2021-22 एक फरवरी को पेश किया जाना है। इससे पहले आज यानी शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2021 यानी इकोनॉमिक सर्वे को पेश करेंगी। शुक्रवार को संसद का बजट सत्र शुरू होना है। अब वित्त मंत्री की ओर से पेश होने वाले इस इकोनॉमिक सर्वे पर सबकी नजरें टिकी हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी तीसरी बार आम बजट पेश करेंगी। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 5 जुलाई 2019 को पहली बार आम बजट पेश किया था।

क्या है आर्थिक सर्वेक्षण
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर आर्थिक सर्वेक्षण क्या है और और इसका क्या महत्व है। दरअसल, सरकार जो बजट पेश करती है वो आगामी वित्त वर्ष में सरकार किस मद में कितना खर्च करेगी उसका लेखा जोखा होता है। लेकिन सरकार ने इस वित्त वर्ष में कितना कहां खर्च किया इसका लेखा जोखा इकोनॉमिक सर्वे में होता है। या इसे यूं कहे कि आर्थिक सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था की सालाना आधिकारिक रिपोर्ट होती है। पहली बार देश का आर्थिक सर्वेक्षण 1950-51 में पेश किया गया था। 1964 से वित्त मंत्रालय बजट से एक दिन पहले सर्वेक्षण जारी करता आ रहा है।
राष्ट्रपति करेंगे दोनों सदनों को संबोधित
बजट सत्र की शुरुआत आज से हो रही है। सबसे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगे। इसके बाद 1 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। आम तौर पर हर बार बजट के एक दिन पहले आर्थिक सर्वे पेश किया जाता है। लेकिन इस बार बजट से दो दिन पहले वित्त वर्ष 2020-21 का आर्थिक सर्वेक्षण कल यानी शुक्रवार को संसद में पेश किया जाएगा। मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन के मार्गदर्शन में तैयार आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया जाता है।
इकोनॉमिक सर्वे फाइनेंस मिनिस्ट्री के सबसे अहम डॉक्यूमेंट्स में से एक होता है। इस सर्वे को केंद्र सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार की गाइडलाइंस में तैयार किया जाता है। इस सर्वे में अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं को जिक्र होता है। अगर भारतीय अर्थव्यवस्था की पूरी तस्वीर देखनी है तो आर्थिक सर्वे में आपको काफी कुछ मिल सकता है।
आर्थिक सर्वेक्षण का महत्व
आर्थिक सर्वेक्षण को डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स तैयार करता है। इस सर्वे में यह जानकारी दी जाती है कि वर्तमान में देश के मनी सप्लाई का ट्रेंड क्या है। इसके अलावा यह देश में कृषि, उद्योग, बुनियादी ढांचे के साथ साथ आयात निर्यात का लेखा जोखा होता है। जो बीते वित्त में देश ने इन सेक्टर पर कितना ग्रेथ किया इसको दर्शाता है। यह दस्तावेज सरकार का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक होता है।


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