वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 का बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि कोविड-19 संकट के बाद से अबतक सरकार कई मिनी बजट ला चुकी है।
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 का बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि कोविड-19 संकट के बाद से अबतक सरकार कई मिनी बजट ला चुकी है। कोरोना महामारी की वजह से इस बार का बजट पेपरलेस हो चुका है। वित्त मंत्री एक टैब के जरिए अपना तीसरा बजट पेश कर रही हैं। यह केंद्रीय बजट काफी अधिक अहम है क्योंकि वित्त मंत्री कोरोना संकट के बीच यह बजट पेश कर रही हैं।

बजट में शिक्षा के क्षेत्र में भी ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री 100 नए सैनिक स्कूल खोलने का ऐलान किया तो वहीं, एनजीओ की मदद से पूर्व घोषित उच्च शिक्षा कमीशन बनाने की बात की। और लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने का ऐलान किया गया है। नेशनल रिसर्च फाउंडेशन पर 50,000 करोड़ खर्च करेंगे।
एनजीओ की मदद से 100 नए सैनिक खुलेंगे,
पूर्व घोषित उच्च शिक्षा कमीशन इस साल बनाएंगे
लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय खोला जाएगा
उच्च शिक्षा के लिए नया कमीशन बनाया जाएगा
758 एकलव्य स्कूल खोले जाएंगें
आदिवासी इलाकों में स्कूल खोले जाएंगें।
वित्त मंत्री ने बताया कि अनुसूचित जाति के 4 करोड़ विद्यार्थियों के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का ऐलान किया गया। इसी क्षेत्र में संयुक्त अरब अमीरात के साथ मिलकर स्किल ट्रेनिंग पर काम किया जा रहा है, जिससे लोगों को काम मिल सके। इसी में भारत और जापान मिलकर भी एक प्रोजेक्ट को चला रहे हैं।


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