नयी दिल्ली। सरकार कई चीजों के लिए पैन नंबर और आधार को अनिवार्य बना चुकी है। साथ ही पैन और आधार को लिंक करने का फैसला भी लिया जा चुका है। हालांकि फिलहाल इसकी समय सीमा 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दी गयी है। इस बीच शनिवार को बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पैन और आधार को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण ऐलान किया। सरकार का नया फैसला आम लोगों के लिए राहत की खबर है। दरअसल अब आपको पैन नंबर के लिए कोई लंबा फॉर्म नहीं भरना होगा। बल्कि आपको केवल आधार नंबर के जरिये ही अपना पैन नंबर मिल जायेगा। यानी अब 'आधार' के आधार पर फौरन पैन नंबर मिलने की सुविधा शुरू की जायेगी। लोगों को पैन के लिए फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होगी। जैसा कि जुलाई 2019 में पेश किये गये बजट में घोषणा की गई थी कि आधार नंबर का उपयोग पैन के बदले में किया जा सकता है, बशर्ते दोनों लिंक किए गए हों। हालाँकि कुछ जगहों पर अभी भी अपना पैन की जरूरत पड़ती है।

क्या कहा वित्त मंत्री ने
वित्त मंत्री सीतारमण ने बजट के दौरान कहा कि पिछले बजट में, मैंने पैन और आधार की इंटरचेंजबिलिटी की शुरुआत की थी जिसके लिए आवश्यक नियमों को पहले ही अधिसूचित कर दिया गया था। पैन नंबर के आवंटन की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए, जल्द ही हम एक सिस्टम शुरू करेंगे जिसके तहत विस्तृत आवेदन फॉर्म भरे बिना आधार की बुनियाद पर पैन को तुरंत ऑनलाइन आवंटित किया जाएगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने 6 नवंबर 2019 को एक अधिसूचना के जरिये 100 से अधिक फॉर्म्स में संशोधन करने की जानकारी दी थी, जिनमें कोई व्यक्ति पैन के बदले अपना आधार नंबर दे सकता है। हालांकि इन दोनों का लिंक होना जरूरी है।
31 मार्च तक पैन-आधार लिंक करवाना जरूरी
बता दें कि 31 मार्च तक पैन और आधार को लिंक करवाना जरूरी है। सीबीडीटी ने पहले इसकी समयसीमा 31 दिसंबर रखी थी। मगर फिर इसे 31 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया गया। यह पहली बार नहीं है जब पैन और आधार को लिंक करने की डेट बढ़ाई। इससे पहले सीबीडीटी 7 बार पैन और आधार को लिंक करवाने की तारीख बढ़ा चुका है।
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